Waqf Property : पुरातत्व विभाग के कानून का उल्लंघन कर स्मारकों के स्थान पर अनेक परिवर्तन किए गए हैं !

वक्फ की संपत्ति में देश के २८० ‍विरासत स्मारक अंतर्भूत

नई देहली – संयुक्त संसदीय समिति ने वक्फ सुधार विधेयक के संदर्भ में ब्यौरा संसद को प्रस्तुत करने के पश्चात उसे १३ फरवरी को संसद के दोनों ही सभागृह में प्रस्तुत किया । इस पर कोलाहल मचा । इस ब्यौरे में देश के महत्त्वपूर्ण लगभग २८० विरासत स्मारक वक्फ बोर्ड की संपत्ति के रूपमें घोषित किए गए हैं । इसमें कुतुबमिनार, फिरोजशाह कोटला, पुराण किला, हुमायूं का मकबरा (मजार), जहांआरा बेगम का मकबरा, कुतुबमीनार परिसर का लौह स्तंभ तथा इल्तुतमिश का मकबरा समान स्मारकों पर भी वक्फ का दावा है । भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने इसकी सूची समिति को प्रस्तुत की थी ।

पुरातत्व विभाग ने समिति से कहा कि वक्फ बोर्ड ने हमें स्मारकों का जतन करने की अनुमति नहीं दी है । स्वयं की इच्छा के अनुसार वहां परिवर्तन किया । पुरातत्व कानून का उल्लंघन किया गया । गोपनीयता के नाम पर, स्मारकों में प्रवेश रोका गया । वहां छायाचित्रण, स्मृतिचिन्ह आदि का विक्रय करने की अनुमति दी गई । मूल रचना बदल कर निर्माण कार्य किया गया । दुकानों का निर्माण कार्य किया गया एवं उन्हेंं किराए पर दिया गया ।

संपादकीय भूमिका 

  • पुरातत्व विभाग के अंतर्गत आनेवाले स्मारकों में कोई परिवर्तन *करना मना होने के कारण ऐसा करना अपराध है । वक्फ बोर्ड से संबंधित लोगों पर अपराध प्रविष्ट कर उन्हें कारागृह में डालना चाहिए !
  • हिन्दुओं के प्राचीन मंदिरों को नियंत्रण में रख कर उन्हें पूजा करने से रोकनेवाला पुरातत्व विभाग मुसलमानों के सामने झुक जाता है, यह ध्यान में लें !