Ban ‘Halal Certificates’ : महाराष्ट्र में ‘हलाल प्रमाणपत्र’ पर प्रतिबंध की मांग !

  • हिन्दू जनजागृति समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री से भेंट की

  • उपमुख्यमंत्री द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश !

उपमुख्यमंत्री श्री. एकनाथ शिंदे को एक निवेदन सौंपते समय, श्री. सतीश सोनार, श्री. रवि नलावडे और शिवसेना विधायक श्री. आनंद टिक्काडे (बोंडारकर)

मुंबई – जिस प्रकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में अवैध ‘हलाल प्रमाणपत्र’ पर प्रतिबंध लगाया है, उसी प्रकार हिन्दू जनजागृति समिति ने मांग की है कि महाराष्ट्र में भी हलाल प्रमाणित उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया जाए । इस संदर्भ में उन्होंने उपमुख्यमंत्री श्री. एकनाथ शिंदे से भेंट की और हलाल उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की । इस अवसर पर मुंबई समिति के प्रतिनिधि श्री. सतीश सोनार, श्री. रवि नलावडे और नांदेड से शिवसेना विधायक श्री. आनंद तिडके (बोंडारकर) उपस्थित थे ।

उपमुख्यमंत्री श्री. एकनाथ शिंदे ने कुछ दिन पूर्व ही राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिव को प्रस्ताव प्रस्तुत करने के आदेश दिए । समिति ने कहा है कि धार्मिक आधार पर उत्पादों का प्रमाणन ‘धर्मनिरपेक्ष’ व्यवस्था में असंवैधानिक है तथा यदि महाराष्ट्र में हलाल प्रमाणित उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया जाता है तो हम इस निर्णय का स्वागत करेंगे ।

१. भोजन के संदर्भ में, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) एक सरकारी निकाय है जिसे खाद्य उत्पादों के मानक निर्धारित करने और उन्हें प्रमाणित करने के लिए कानून द्वारा अधिकार प्राप्त है; परंतु ‘हलाल प्रमाणीकरण’ नामक एक समानांतर प्रणाली स्थापित की गई है, जो भोजन की गुणवत्ता के बारे में भ्रम उत्पन्न करके सरकारी नियमों का उल्लंघन करती है।

२. महाराष्ट्र सहित पूरे देश में ‘हलाल इंडिया’, ‘हलाल सर्टिफिकेशन सर्विसेज इंडिया’, ‘जमीयत उलेमा-ए-हिन्द’, ‘जमीयत उलेमा-ए-महाराष्ट्र’ जैसी अनेक संस्थाओं द्वारा अवैध रूप से हलाल प्रमाणपत्र वितरित कर करोडों रुपए एकत्र किए जा रहे हैं । इसलिए उत्तर प्रदेश में इसे प्रतिबंधित लगाया गया ।

३. स्वयं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी स्पष्ट किया है कि ‘निजी संस्थाओं को प्रमाण पत्र बांटकर पैसा वसूलने का अधिकार नहीं है ।’ यह भी बहुत चौंकाने वाली बात है कि इस पैसे का उपयोग लश्कर-ए-तोयबा, इंडियन मुजाहिद्दीन, इस्लामिक स्टेट आदि आतंकवादी संगठनों के अनुमान से ७०० आरोपियों को कानूनी सहायता देने के लिए किया जा रहा है । इसलिए इस संबंध में निवेदन के साथ कुछ कागज-पत्र (दस्तावेज) भी उपमुख्यमंत्री श्री. शिंदे को भेजे गए ।

४. इस संबंध में महाराष्ट्र में अवैध रूप से हलाल प्रमाण पत्र जारी करनेवाली निजी संस्थाओं के विरुद्ध तुरंत याचिका प्रविष्ट कर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए; निवेदन के माध्यम से की गई मांगों में हिन्दुओं के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करने वाले हलाल प्रमाणीकरण पर तत्काल प्रतिबंध लगाना, हलाल के नाम पर निजी संगठनों द्वारा जुटाए गए धन की जांच और कार्रवाई करना, हलाल प्रमाणपत्रों द्वारा जुटाई गई अवैध संपत्ति को ब्याज सहित वसूलना और इस धन का उपयोग कहां किया गया और क्या इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को कोई संकट है, इसकी गहन जांच करना समाहित है । उपमुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं ।