Shankhnad Mahotsav Delhi : श्रीराम मंदिर के लिए कानूनी लडाई  श्रीराम द्वारा दी गई अनुभूति ही है !- अधिवक्ता श्रीधर पोतराजूजी, सर्वाेच्च न्यायालय

‘मंदिर-रक्षा चर्चासत्र’ में दैवी अनुभूति सुनकर धर्मप्रेमी मंत्रमुग्ध !

Shankhnad Mahotsav Delhi : मावळों के समान आज के नागरिकों को भी सैन्य प्रशिक्षण देना आवश्यक ! – कर्नल मोहन काकतीकरजी (सेवानिवृत्त), महासचिव, छत्रपति शिवाजी महाराज राष्ट्रीय स्मारक समिति

‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ में ‘छत्रपति शिवाजी महाराजजी की दृष्टि एवं वर्तमान भारत’ विषय पर चर्चासत्र

Shankhanad Mahotsav Delhi : ‘संकल्प रामराज्य का’ नामक सनातन के ग्रंथ का लोकार्पण !

‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ में सनातन के ग्रंथों का लोकार्पण !

Shankhanad Mahotsav Delhi : डॉ. वेदवीरआर्य द्वारा लिखित ‘क्रोनोलॉजी एंड ओरिजिन्स ऑफ इंडो-यूरोपियन सिविलाइजेशन’ नामक पुस्तक का लोकार्पण !

पुस्तक का लोकार्पण करते पू. प्रदीप खेमकाजी, डॉ. वेदवीर्य आर्यजी, श्री. प्रदीप भंडारीजी एवं सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी

आतंकवादियों की जिहादी गतिविधियों को युद्ध के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए ! – अधिवक्ता आलोक कुमारजी, अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष, विश्व हिन्दू परिषद

‘कुछ वर्ष पहले भारत में हिन्दू स्वयं को हिन्दू मानने में संकोच करते थे और दबे स्वर में हिन्दू राष्ट्र का समर्थन करते थे; पर आज समय बदल गया है । इसलिए अब भारत में खुलकर घोषणा की जाती है कि ‘भारत हिन्दू राष्ट्र है ।

दिल्ली शंखनाद महोत्सव में भारत का प्राचीन इतिहास एवं देश की चुनौतियों के विषय में मान्यवरों के मौलिक विचार !

श्रीराम द्वारा स्थापित आदर्श अपने विद्यार्थियों को सिखाए जाने चाहिए ! – डॉ. वेदवीर आर्यजी, संयुक्त सचिव, रक्षा मंत्रालय

Shankhnad Mahotsav Delhi : हिन्दू धर्म के महत्त्व को भावी पीढी तक पहुंचाने में ही समाज का हित !

‘सनातन संस्कृति एवं समाज की रक्षा’ चर्चासत्र में मान्यवरों  द्वारा व्यक्त किए गए विचार !

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के आध्यात्मिक कार्य की प्रदर्शनी, उनके सूक्ष्म अस्तित्व की अनुभूति कराती है !

दिल्ली के सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव में एक विशेष दीर्घा (गैलरी) प्रदर्शित की गई, जिसका विषय था – ‘सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी : वैज्ञानिक से अध्यात्म के वैज्ञानिक तक की यात्रा’ ।

मकर संक्रांति

१४ जनवरी २०२६ (माघ कृष्ण ११) मकर संक्रांति त्योहार मनाने की पद्धति..

आध्यात्मिक मित्र ‘सनातन पंचांग’ एप का अधिकाधिक प्रसार करें !

‘सनातन पंचांग’ एप २०२६ मराठी, हिन्दी, कन्नड, तेलुगु, गुजराती, तमिल और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है ।