Shankhnad Mahotsav Delhi : श्रीराम मंदिर के लिए कानूनी लडाई श्रीराम द्वारा दी गई अनुभूति ही है !- अधिवक्ता श्रीधर पोतराजूजी, सर्वाेच्च न्यायालय
‘मंदिर-रक्षा चर्चासत्र’ में दैवी अनुभूति सुनकर धर्मप्रेमी मंत्रमुग्ध !
‘मंदिर-रक्षा चर्चासत्र’ में दैवी अनुभूति सुनकर धर्मप्रेमी मंत्रमुग्ध !
‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ में ‘छत्रपति शिवाजी महाराजजी की दृष्टि एवं वर्तमान भारत’ विषय पर चर्चासत्र
‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ में सनातन के ग्रंथों का लोकार्पण !
पुस्तक का लोकार्पण करते पू. प्रदीप खेमकाजी, डॉ. वेदवीर्य आर्यजी, श्री. प्रदीप भंडारीजी एवं सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी
‘कुछ वर्ष पहले भारत में हिन्दू स्वयं को हिन्दू मानने में संकोच करते थे और दबे स्वर में हिन्दू राष्ट्र का समर्थन करते थे; पर आज समय बदल गया है । इसलिए अब भारत में खुलकर घोषणा की जाती है कि ‘भारत हिन्दू राष्ट्र है ।
श्रीराम द्वारा स्थापित आदर्श अपने विद्यार्थियों को सिखाए जाने चाहिए ! – डॉ. वेदवीर आर्यजी, संयुक्त सचिव, रक्षा मंत्रालय
‘सनातन संस्कृति एवं समाज की रक्षा’ चर्चासत्र में मान्यवरों द्वारा व्यक्त किए गए विचार !
दिल्ली के सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव में एक विशेष दीर्घा (गैलरी) प्रदर्शित की गई, जिसका विषय था – ‘सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी : वैज्ञानिक से अध्यात्म के वैज्ञानिक तक की यात्रा’ ।
‘सनातन पंचांग’ एप २०२६ मराठी, हिन्दी, कन्नड, तेलुगु, गुजराती, तमिल और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है ।