साधको, शब्दशक्ति के माध्यम से संदेह फैलाने हेतु सक्रिय सातवें पाताल की बडी अनिष्ट शक्तियों की चाल पहचानकर साधना बढाओ !

वर्तमान में सातवें पाताल की बडी अनिष्ट शक्तियां साधकों की श्रद्धा को भंग कर उन्हें साधना से दूर करने के लिए ‘शब्दशक्ति’ के माध्यम से बडे स्तर पर सूक्ष्म युद्ध कर रही हैं ।

साधको, आनेवाले आपातकाल का सामना करने के लिए श्रद्धा के बल पर साधना में आनेवाली बाधाओं पर विजय प्राप्त करो !

‘वर्तमान में संपूर्ण विश्व आपातकाल की सीमा पर खडा है । युद्ध, प्राकृतिक आपदाएं, कोरोना जैसी महामारी आदि विभिन्न माध्यमों से आपातकाल कभी भी आ सकता है । आज तक ईश्वर ने हमारी साधना होने के लिए इस काल को रोककर रखा है; परंतु वह आज नहीं तो कल आनेवाला ही है ।

साधको, वर्षा ऋतु आरंभ होनवाली है; इसलिए कहीं कोई सामग्री भेजते समय, उसे प्लास्टिक के आवरण में बांधकर ही भेजें !

‘वर्षा ऋतु में अन्यत्र कहीं सामग्री भेजते समय उसे प्लास्टिक के आवरण में बांधकर भेजना आवश्यक होता है । कभी-कभी सामग्री के बक्सों को प्लास्टिक नहीं लगा होता है, तो कभी बक्सों को फटा हुआ प्लास्टिक लगाने से बक्से भीग जाते हैं, ऐसा ध्यान में आया है ।

साधको, शब्दशक्ति के माध्यम से संदेह फैलाने हेतु सक्रिय सातवें पाताल की बडी अनिष्ट शक्तियों की चाल पहचानकर साधना बढाओ !

वर्तमान में सातवें पाताल की बडी अनिष्ट शक्तियां साधकों की श्रद्धा को भंग कर उन्हें साधना से दूर करने के लिए ‘शब्दशक्ति’ के माध्यम से बडे स्तर पर सूक्ष्म युद्ध कर रही हैं ।

साधको, जिज्ञासुओं के ‘हमारे’ बन जाने पर नहीं, अपितु वे ‘हमारे’ बनें; इसके लिए तत्परता से उन्हें पाठक बनाएं  !

‘जिज्ञासुओं को साधना की ओर मोडने का तथा धर्मप्रेमियों को प्रत्यक्ष कृति के लिए प्रेरित करने का सर्वाेत्तम माध्यम है नियतकालिक सनातन प्रभात ! इस नियतकालिक को नियमितरूप से पढकर पाठकों में साधना के प्रति रुचि जागृत हो रही है, साथ ही उनमें राष्ट्र एवं धर्म के प्रति प्रेम भी बढ रहा है ।

साधको, शब्दशक्ति के माध्यम से संदेह फैलाने हेतु सक्रिय सातवें पाताल की बडी अनिष्ट शक्तियों की चाल पहचानकर साधना बढाएं !

यदि सनातन संस्था तथा उसके संतों और साधकों के विषय में कोई आपत्तिजनक लेखन अथवा वक्तव्य करता हुआ दिखाई दे, तो इसकी जानकारी अपने क्षेत्र के उत्तरदायी धर्मप्रचारक संतों को दें ।

अक्षय तृतीया के उपलक्ष्य में सर्राफा दुकानदारों को उनके ग्राहकों को उपहार के रूप में सनातन के ग्रंथ एवं लघुग्रंथ देने के लिए प्रेरित करें !

साधकों को सूचना

अक्षय तृतीया के पर्व पर ‘सत्पात्र को दान’ देकर ‘अक्षय दान’ का फल पाएं !

‘१९.४.२०२६ को ‘अक्षय तृतीया’ है । इस दिन की कोई भी घटिका शुभमुहूर्त ही होती है । इस दिन किए जानेवाले दान और हवन का क्षय नहीं होता; अर्थात उनका फल हमें प्राप्त होता ही है । इसलिए बहुत-से लोग इस दिन बडी मात्रा में दानधर्म करते हैं ।

अध्यात्म के संदर्भ में लेखन अथवा लेख से संबंधित नियतकालिक / ग्रंथ हों, तो कृपया सनातन को भेजें !

साधकों को सूचना तथा पाठकों से निवेदन !

 हिन्दुओ, कालानुसार साधना के रूप में श्रीरामरक्षा स्तोत्र व हनुमान चालीसा का प्रतिदिन पाठ करें !

‘प्रभु श्रीराम एवं हनुमानजी एक ही सिक्के के दो पहलुओं के समान हैं । अत: श्रीराम की उपासना में हनुमानजी का भी स्थान है । रामरक्षा में भी हनुमानजी का उल्लेख है । इसलिए पूजाघर में श्रीराम का चित्र या प्रतिमा हो, तो साथ में हनुमानजी का भी चित्र या प्रतिमा रखकर उनकी भी नित्य पूजा करें ।’