Raichur Public Muharram Banned : कर्नाटक के रायचूर जिले के २९ गांवों में मोहर्रम सार्वजनिक रूप से मनाने पर प्रतिबंध !

जिलाधिकारी पूविता एस्. का साहसिक निर्णय l विगत वर्षों में मोहर्रम की अवधि में विधि-व्यवस्था (कानून-व्यवस्था) का प्रश्न उत्पन्न होने के कारण लिया गया निर्णय l

अधिक मास अथवा पुरुषोत्तम मास का महत्त्व !

अधिक मास आत्मशुद्धि एवं परोपकार के लिए विशेष काल होता है । इसलिए ऐसा कहा जा सकता है कि इस वर्ष का ज्येष्ठ अधिक मास आध्यात्मिक साधना, भक्ति, व्रत, उपवास, त्योहार, स्वास्थ्य एवं परोपकार इत्यादि के दृष्टिकोण से विशेष लाभकारी है ।

(और इनकी सुनिए …) ‘मार्ग पर नमाज पढना अनुचित है, तो सभी त्योहारों के उत्सवों पर प्रतिबंध लगाइए !’ : AIMIM Asaduddin Owaisi

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्ग पर नमाज पढने के विरोध के वक्तव्य पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए असदुद्दीन ओवैसी बोल रहे थे ।

अधिक मास में सनातन संस्था के ग्रंथ और लघुग्रंथ अन्यों को देकर सर्वश्रेष्ठ ज्ञानदान का फल प्राप्त करें !

शास्त्रकारों ने बताया है कि ‘अधिक मास में मंगलकार्य न कर विशेष व्रत और पुण्यदायी कृत्य करने चाहिए ।’ इस मास में दान देने से उसका अनेक गुना फल मिलता है । इसलिए इस काल में वस्त्रदान, अन्नदान एवं ज्ञानदान करने का विशेष महत्त्व है । भारतीय संस्कृति में ‘ज्ञानदान देना’, सर्वश्रेष्ठ माना गया है; इसलिए अनेक लोग इसके लिए प्रयासरत रहते हैं ।

राज्य के प्रार्थनास्थलों पर लगे लाउडस्पीकरों की आवाज सीमित रखें ! – Suvendu Adhikari

बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक प्रशासनिक बैठक में पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी धार्मिक स्थल पर लगे लाउडस्पीकरों की आवाज निर्धारित ध्वनि-सीमा से बाहर नहीं जानी चाहिए ।

Pune Corporate Jihad : पुणे के हिंजवडी ‘आईटी पार्क’ में धर्मांतरण का जाल !

हिंजवडी, खराडी इव विमाननगर जैसे प्रमुख ‘आईटी पार्क’ में काम करनेवाले इंजीनियरों ने कंपनी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं । इन कंपनियों में मुस्लिम कर्मचारी सार्वजनिक रूप से अपने धर्म का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं ।

अक्षय तृतीया विशेष

इस दिन की जानेवाली कृतियों का क्षय न होकर वे बढती हैं; इसलिए इस दिन सोना, चांदी इत्यादि मूल्यवान वस्तुएं खरीदी जाती हैं, साथ ही इस दिन नया व्यवसाय आरंभ करना अथवा दान देना श्रेष्ठ माना जाता है ।

अक्षय तृतीया का त्योहार कैसे मनाया जाए ?

अक्षय तृतीया के दिन पवित्र जल में स्नान, भगवान श्रीविष्णु की पूजा, जप, होम, दान एवं पितृ-तर्पण किया जाता है । इस दिन ‘अपिंडक श्राद्ध’ करना चाहिए और यदि वह संभव न हो, तो कम से कम तिल-तर्पण अवश्य करना चाहिए ।

अक्षय तृतीया एवं खेती !

अक्षय तृतीया वर्षा ऋतु के कुछ दिन पूर्व आती है । महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में गुढीपडवा के शुभमुहूर्त पर हल चलाई कृषिभूमि में जोताई पूर्ण करने की प्रथा है ।

अक्षय तृतीया के दिन पुण्य कैसे  प्राप्त किया जा सकता है ?

वैशाख शुक्ल तृतीया अर्थात अक्षय तृतीया ! हिन्दू धर्म में यह एक पवित्र एवं महत्त्वपूर्ण त्योहार माना जाता है । इस वर्ष १९ अप्रैल को अक्षय तृतीया है ।