सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के आध्यात्मिक कार्य की प्रदर्शनी, उनके सूक्ष्म अस्तित्व की अनुभूति कराती है !

दिल्ली के सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव में एक विशेष दीर्घा (गैलरी) प्रदर्शित की गई, जिसका विषय था – ‘सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी : वैज्ञानिक से अध्यात्म के वैज्ञानिक तक की यात्रा’ । इस अवसर पर सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी की आध्यात्मिक उत्तराधिकारिणियां श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी एवं श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी सहित अन्य साधकों को गुरुदेवजी के ‘सनातन राष्ट्र’ संबंधी कार्याें की व्यापकता और उनके सूक्ष्म अस्तित्व की अनुभूति हुई । इस दीर्घा के अवलोकन के पश्चात गुरुदेवजी के विषय में मान्यवरों द्वारा व्यक्त किए अभिमत नीचे दिए हैं ।

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के विभिन्न गुरु रूपों में उल्लेख करनेवाला ‘कियोस्क’ (गोल घूमनेवाला उपकरण)


यह सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी की दिव्यता की कृपा !

सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव मेरे लिए एक दिव्य और प्रेरणादायी अनुभव है । मैं स्वयं को भाग्यशाली मानता हूं कि मैं इस महोत्सव का हिस्सा बना । सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी की आध्यात्मिक ऊर्जा के कारण ही ६८ वर्ष की आयु में भी मुझमें युवाओं जैसा उत्साह था । यह पूरी तरह से गुरुदेवजी की आशीर्वादात्मक दिव्यता की कृपा है ।

– श्री. मानस सिंह रे, हिन्दुत्वनिष्ठ, हावडा, बंगाल.


भारत के विभिन्न स्थानों से आए धर्मनिष्ठ हिन्दुओेंं ने दिल्ली में आयोजित इस महोत्सव में सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के हिन्दू राष्ट्र-स्थापना के संकल्प को साकार करने का दृढ निश्चय किया है ।

– मीनाक्षी शरण, अध्यक्षा, अयोध्या फाउंडेशन.

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी की ऊर्जा के कारण ही दिल्ली में हिन्दुओं का विचार-मंथन संभव !

अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन

लोग सरकार तो चुनते हैं, किंतु अपनी मूल समस्याओं को रखने के लिए आगे नहीं आते; इसीलिए सनातन संस्था का कार्य अत्यंत महत्त्वपूर्ण है । मेरे गुरु सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी ने अपनी अथक तपस्या से ऐसा संगठन खडा किया और हम सभी हिन्दुत्वनिष्ठों के लिए ऊर्जा का स्रोत बने । इसी ऊर्जा के कारण आज हम दिल्ली के इस मंच पर हिन्दुओं की समस्याओं पर मंथन कर पा रहे हैं । मैं और मेरे पिता पू. हरिशंकर जैनजी ने अब तक जो भी सफलता प्राप्त की है, वह डॉ. आठवलेजी के आशीर्वाद से ही है । हमारी यही प्रार्थना है कि हिन्दुओं के इस विशाल संगठन को मां भगवती का आशीर्वाद मिले और जब भारत सनातन राष्ट्र बने, तब उस दिन के साक्षी बनने के लिए गुरुदेवजी हमारे साथ हों ।

– अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन, सर्वाेच्च न्यायालय