सनातन धर्म की ज्ञान परंपरा (ब्राह्मतेज) एवं शौर्य परंपरा (क्षात्रतेज) का पालन होना आवश्यक ! – सद्गुरु नीलेश सिंगबाळ, धर्मप्रचारक संत, हिन्दू जनजागृति समिति
देश को स्वतंत्रता मिलने के उपरांत पंडित एवं महात्माओं ने सर्वधर्मसमभाव का नैरेटिव (कथानक) भारतीयों पर थोपा । उसने संपूर्ण हिन्दू धर्म को घेर लिया । सनातन धर्म के ज्ञान की परंपरा (ब्राह्मतेज) एवं शौर्य परंपरा (क्षात्रतेज) का पालन होना चाहिए ।