गोमाता की तस्करी तथा हत्या सहन नहीं की जाएगी । – Pratap Sarnaik

बकरी ईद की पृष्ठभूमि में राज्य में गोमाता की अवैध ढुलाई, अवैध बूचडखानों तथा गोवंशों पर होनेवाले अमानवीय अत्याचारों के विरुद्ध राज्य सरकार ने कठोर रुख अपनाया है ।

महागांव (जिला यवतमाल, महाराष्ट्र) में गोतस्करों के आक्रमण में गोरक्षक की मृत्यु

गोप्रेमियों के महाराष्ट्र में कितने गोरक्षकों की हत्याएं होने दी जाएंगी । राज्य में भाजपा की सरकार होते हुए ऐसी घटनाएं होना हिन्दुओं को तथा गोरक्षकों को अपेक्षित नहीं हैं ।

संपादकीय : ‘गोमाता’ को न्याय कब मिलेगा ?

कई लोगों को लगेगा कि ६० वर्ष पहले की इस घटना को बताने का क्या उद्देश्य है ? तो यह प्रश्न ही तर्कसंगत नहीं है । १०० करोड हिन्दुओं के देश में स्वतंत्रता को ८ दशक होनेवाले हैं, तब भी हिन्दुओं की प्राणप्रिय गोमाता का राज्यसत्ता द्वारा संरक्षण नहीं हो रहा, यह एक विडंबना है ।

आज देश के ५ सहस्त्र क्षेत्रों में राष्ट्रव्यापी गोहत्या बंदी कानून के लिए निवेदन दिए जाएंगे ।

जिले के वृंदावन में २६ अप्रैल को ‘गौसम्मान आह्वान अभियान’ के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण पत्रकार सम्मेलन का आयोजन किया गया था ।

जो लोग गोमांस खाते हैं, क्या वे सूअर का दूध पीते हैं ? – Yogi Adityanath

गाय का दूध प्रकृति एवं दैवीय उपहार के समान है । जो लोग गोमांस खाते हैं, क्या वे सूअर का दूध पीते हैं ? संसार में कोई गाय को माने अथवा न माने, दूध तो गाय का ही प्रयोग किया जाता है ।

राष्ट्रव्यापी गोहत्याबंदी के लिए २७ अप्रैल से ‘गोसम्मान आवाहन अभियान’।

गोसेवा एवं गोरक्षा के माध्यम से राष्ट्ररक्षा एवं संस्कृति संवर्धन हेतु समर्पित इस निस्वार्थ एवं पवित्र अभियान में सहभागी होने के लिए ९०६७७ ७७३२३, इस क्रमांक पर मिस्ड कॉल दें ।

सवा २ लाख सैनिकों की ‘चतुरंगिणी सेना’ बनाई जाएगी – Swami Avimukteshwarananda Saraswati

“यह सेना गौसंरक्षण, धर्मसंरक्षण, शास्त्रसंरक्षण तथा मंदिरों की रक्षा के लिए कार्य करेगी”, ऐसा ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा ।

Chikhali Gorakshak Attack : चिखली (जिला बुलढाणा) में मुसलमानों द्वारा गोरक्षक पर प्राणघातक आक्रमण !

गोमांस के ‘कंटेनर’ पकडवाने पडते हैं, इससे ही यह प्रश्न उठता है कि महाराष्ट्र में गोवंश हत्या बंदी कानून वास्तव में लागू है या नहीं ? इसके लिए उत्तरदायी प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई हो, इसके लिए चिखली के हिन्दुत्वनिष्ठ लोगों को आंदोलन करना चाहिए !

Cow Culture Museum : देश का पहला ‘राष्ट्रीय गाय ‘संस्कृति संग्रहालय’ मथुरा में बनेगा !

यह एक अच्छा प्रयास है ; लेकिन गायें जीवित रह सकें तथा मारी न जाएं इसके लिए प्रयास बढाने की आवश्यकता है !

Cow Dung Export : भारतीय गाय के गोबर का निर्यात सहस्रों करोड रुपये के स्तर तक पहुंचेगा l

भारत में देसी गाय के गोबर की वैश्विक बाजार में बहुत मांग है । अब प्राकृतिक खेती, जैविक खाद तथा पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों के रूप में इसकी मांग बढ गई है ।