Chikhali Gorakshak Attack : चिखली (जिला बुलढाणा) में मुसलमानों द्वारा गोरक्षक पर प्राणघातक आक्रमण !

  • गोमांस के ‘कंटेनर’ पकडवाने के कारण क्रोधवश आक्रमण

  • ‘जैसे को तैसा’ उत्तर देने की हिन्दुत्वनिष्ठों की चेतावनी

गोरक्षक ओमराजे मदनराजे गायकवाड

चिखली (जिला बुलढाणा) – चिखली नगर में गत ३ वर्षों से गोवंश हत्या रोकने के लिए सक्रिय गोरक्षक ओमराजे मदनराजे गायकवाड पर कुछ असामाजिक तत्वों ने प्राणघातक आक्रमण किया । हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने इस आक्रमण की निंदा की है ।

२१ फरवरी को संध्या ५.४५ बजे जब ओमराजे गायकवाड घर जा रहे थे, तब अस्मान खान, अकील खान और फरजान खान अनिस खान ने उन्हें रोका । ‘तू गोरक्षक बना है क्या ? हिन्दू-हिन्दू करता है क्या ?’ ऐसा कहते हुए उनसे वाद विवाद किया तथा उन्हें लात-घूंसों से नृशंसता से पीटा । उन्हें प्राणांत करने की धमकी भी दी गई । कुछ मास पूर्व ओमराजे ने गोमांस के दो ‘कंटेनर’ पकडवाए थे । इसी शत्रुत्व में आरोपियों ने यह घटना की । (पुलिस गोरक्षकों को संरक्षण क्यों नहीं देती ? गोरक्षकों पर आक्रमण होने का उत्तरदायित्व पुलिस पर निश्चित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई क्यों न की जाए ? – संपादक) ओमराजे ने समय रहते एक दुकान में शरण ली, जिससे बडा अनर्थ टल गया । इस प्रकरण में पुलिस में आरोप प्रविष्ट किया गया है तथा आरोपियों के विरुद्ध वाद भी प्रविष्ट किया गया है ।

हिन्दू अस्मिता पर प्रहार होने की हिंदुत्वनिष्ठों द्वारा आलोचना !

इस घटना पर हिन्दुत्वनिष्ठों ने कहा कि ‘यह केवल एक व्यक्ति पर आक्रमण नहीं, अपितु हिन्दू अस्मिता पर किया गया प्रहार है ।’ गोरक्षकों को पुलिस संरक्षण मिले एवं आक्रमणकारियों को तत्काल बंदी बना कर उन पर मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) जैसी कठोर कार्रवाई की जाए, ऐसी मांग ज्ञापन के माध्यम से की गई है । (हिन्दुओं, केवल मांग कर रुकें नहीं, अपितु उद्दंड धर्मांधों पर कार्रवाई होने तक पुलिस प्रशासन का निरंतर अनुसरण करें ! – संपादक) ‘जैसे को तैसा उत्तर दिया जाएगा’, ऐसी चेतावनी भी दी गई ।

वर्तमान में ओमराजे गायकवाड का उपचार चल रहा है एवं नगर में कोई अनुचित घटना न हो, इसके लिए पुलिस सतर्कता रख रही है ।

संपादकीय भूमिका

  • वर्ष २०११ की जनगणना के अनुसार चिखली में मुसलमानों की जनसंख्या २४ प्रतिशत थी । ऐसे में गोरक्षकों पर इस प्रकार के आक्रमण होने से ऐसा लगता है कि, क्या चिखली भारत में है या पाकिस्तान में है अथवा बांग्लादेश में, यह अलग से बताने की आवश्यकता है क्या ? ऐसे आक्रमण होना क्या हिन्दुओं के लिए लज्जाजनक नहीं है ?
  • गोमांस के ‘कंटेनर’ पकडवाने पडते हैं, इससे ही यह प्रश्न उठता है कि महाराष्ट्र में गोवंश हत्या बंदी कानून वास्तव में लागू है या नहीं ? इसके लिए उत्तरदायी प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई हो, इसके लिए चिखली के हिन्दुत्वनिष्ठ लोगों को आंदोलन करना चाहिए !