विश्वविद्यालय के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के विषय में व्यक्त किए गौरवोद्गार !

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी भारत को ‘विश्वगुरु’ बनाएंगे ! – योगेंद्र महाराज, ब्रज, उत्तर प्रदेश

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी ने इस विश्वविद्यालय के माध्यम से जो शोध कार्य किया है, उससे उन्होंने भारतीय संस्कृति का दर्शन कराया है । मैं ऐसे संत को नमन करता हूं । गुरुदेवजी की शक्ति के कारण ही भारत ‘विश्वगुरु’ बनेगा । भारत को यदि विश्वगुरु बनाना है, तो ऐसे संतों का सम्मान कर उनकी शरण जाना होगा तथा उनकी चरणधूली अपने मस्तक पर लगानी होगी । सभी श्रद्धालुओं की ओर से मैं गंगामाता से प्रार्थना करता हूं कि इन संतों पर आप अपनी कृपा बनाए रखें तथा उनके कार्य की इसी प्रकार उत्तरोत्तर प्रगति हो ।
यहां परमात्मा का वास है ! – हिम्मत सिंह महाराज, खालसा अखाडा

‘ऐसा लगा कि इस कक्ष में परमात्मा हैं । बाहर जाने पर उनका अस्तित्व प्रतीत नहीं होता; परंतु यहां प्रतीत होता है । इस सेवा से ही आपको ‘भगवान हैं’, इसका अनुभव हुआ है । उस परमात्मा के चरणों में निरंतर प्रणाम करना चाहिए । उससे ही विश्व का उद्धार होगा’, ऐसे आशीर्वचन खालसा अखाडे के हिम्मत सिंह महाराजजी ने दिए ।
श्रीराम मंदिर को सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी की नहीं, रामभक्त की आवश्यकता !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
कोटि कोटि प्रणाम !
सनातन धर्म के मूर्तिमान स्वरूप सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के श्री चरणों में कोटि-कोटि वंदन !
संपादकीय : गुरुभ्यो नमः ।
प.पू. भक्तराज महाराजजी द्वारा अपने शिष्य डॉ. आठवलेजी के प्रति व्यक्त गौरवोद्गार !