‘आत्मा एक ही है, केवल उसके रूप भिन्न हैं’, यह ज्ञात होने पर द्वैत समाप्त होकर ‘एकत्व साधना’ संभव हो पाता है !

‘देह भले ही भिन्न हो, तब भी सभी में विद्यमान ‘ब्रह्म’ एक ही है’, यह कहकर भैंसे के मुख से भी वेद बुलवानेवाले संत ज्ञानेश्वरजी कहते हैं, ‘‘आत्मा एक ही है । हमारी भिन्न-भिन्न देह के रूप भले ही उसमें समाहित हों, तब भी हममें विद्यमान ईश्वर का आत्मरूप एक ही है ।’’

Shankhnad Mahotsav Delhi : ‘दिल्ली सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ विशेषांक

पांडवों का इंद्रप्रस्थ अर्थात वर्तमान दिल्ली ! यहां संपन्न हुए धर्मतेज एवं क्षात्रतेज से युक्त ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ ने पूरे भारत में हिन्दू राष्ट्र स्थापित करने का संदेश दिया । राष्ट्र हेतु आवश्यक ३ महत्त्वपूर्ण सूत्र – संस्कृति, शौर्य एवं सुरक्षा पर इस महोत्सव में हुए विचार-मंथन ने हिन्दुओं को सक्रिय बनने की प्रेरणा दी ।

Shankhanad Mahotsav Delhi : ‘संकल्प रामराज्य का’ नामक सनातन के ग्रंथ का लोकार्पण !

‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ में सनातन के ग्रंथों का लोकार्पण !

विविध राज्यों में संतों एवं मान्यवरों को दिल्ली में आयोजित ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ का निमंत्रण !

सनातन राष्ट्र का पुनर्वैभव प्राप्त करना, उसके लिए सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण करना तथा उसे बनाए रखना, साथ ही राष्ट्र की सुरक्षा आदि विविध विषयों पर चर्चा द्वारा मार्गदर्शन करने के लिए दिल्ली के ‘भारत मंडपम्’ में सनातन संस्था की ओर से १३ तथा १४ दिसंबर को ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ आयोजित किया गया है ।

Shankhnad Mahotsav Delhi : सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव का समापन सत्र : सनातन राष्ट्र संकल्पसभा

चरित्रवान लोग ही धर्मयुद्ध कर सकते हैं । जिनके पास चरित्र नहीं है, वे युद्ध नहीं जीत सकते । भारत के पास चरित्र होने के कारण पाकिस्तान के विरुद्ध के अनेक छोटे-बडे युद्धों में भारत को सफलता मिली । चरित्रनिर्माण सरल नहीं है तथा चरित्र का शिक्षा से कोई भी संबंध नहीं है ।

सनातन संस्था द्वारा प्रकाशित ‘सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी का जीवनचरित्र’ इस अंग्रेजी ग्रंथ का लोकार्पण !

१४ दिसंबर को महोत्सव में संपन्न हुए पहले उद्बोधन सत्र के आरंभ में सनातन संस्था द्वारा प्रकाशित अंग्रेजी भाषा के ग्रंथ ‘सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी का जीवनचरित्र’ का लोकार्पण किया गया ।

Shankhnad Mahotsav Delhi : भारत की राजधानी में सनातन राष्ट्र का शंखनाद !

द्वापरयुग में जिस कुरुक्षेत्र पर भगवान श्रीकृष्ण ने अधर्मी कौरवों का नाश कर धर्म की पुनर्स्थापना हेतु पांचजन्य शंख का नाद किया, उसी रणभूमि पर सनातन संस्कृति की रक्षा हेतु आज पुनः शंखनाद किया गया ।

Shankhnad Mahotsav Delhi : केंद्रीय राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव को देहली में आयोजित ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ का दिया गया निमंत्रण

आयुष मंत्रालय के केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), साथ ही स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव को देहली में होनेवाले ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’का निमंत्रण दिया गया ।

पळणी (तमिलनाडू) के इष्टदेवता श्री कार्तिकेय के चरणों में देहली में होनेवाले ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सवा’का निमंत्रणपत्र अर्पण !

सप्तर्षि जीवनाडीपट्टिका में किए गए उल्लेख के अनुसार श्रीचित्‌शक्ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी ने तमिलनाडू के दिंडुगल जिले के पळणी स्थित श्री कार्तिकेय देवता के दर्शन कर उनके चरणों में देहली में होनवाले ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’का निमंत्रणपत्र अर्पण किया, साथ ही ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’में आनेवाली बाधाएं दूर होने हेतु प्रार्थना की ।

श्री चित्‌शक्ति (श्रीमती) अंजली मुकुल गाडगीळजी का ५५ वां जन्मदिवस  !

प्रीति का सागर, वात्सल्यमूर्ति श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी के चरणों में कृतज्ञतापूर्वक नमस्कार !