
‘पृथ्वी के प्रलय के समय भगवान श्रीविष्णु इसी अक्षयवट के पत्ते पर शिशु रूप में आकर वास करते हैं ।’, ऐसी मान्यता है । इसके साथ ही ‘अक्षयवट के दर्शनमात्र से ही मोक्षप्राप्ति होती है’, यह भी हिन्दुओं की श्रद्धा है ।

‘सुदर्शन वाहिनी’ के संपादक डॉ. सुरेश चव्हाणके तथा शिवसेना विधायक मंगेश कुडाळकर ने कुम्भ पर्व में लगी सनातन संस्था की प्रदर्शनी का सपत्नीक अवलोकन किया । इस अवसर पर उन्होंने सनातन संस्था के धर्मप्रसार के कार्य की प्रशंसा की !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?