
‘पृथ्वी के प्रलय के समय भगवान श्रीविष्णु इसी अक्षयवट के पत्ते पर शिशु रूप में आकर वास करते हैं ।’, ऐसी मान्यता है । इसके साथ ही ‘अक्षयवट के दर्शनमात्र से ही मोक्षप्राप्ति होती है’, यह भी हिन्दुओं की श्रद्धा है ।

‘सुदर्शन वाहिनी’ के संपादक डॉ. सुरेश चव्हाणके तथा शिवसेना विधायक मंगेश कुडाळकर ने कुम्भ पर्व में लगी सनातन संस्था की प्रदर्शनी का सपत्नीक अवलोकन किया । इस अवसर पर उन्होंने सनातन संस्था के धर्मप्रसार के कार्य की प्रशंसा की !
‘सूर्यनमस्कार’ : व्यक्ति के जीवन के सभी अंगों के लिए लाभदायक !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
मुंबापुरी में सहस्रों के समष्टि संकल्प से राष्ट्ररक्षा हेतु प्राप्त हुआ आध्यात्मिक बल !
Bangladesh Hindus : पिछले ४ महीनों में १०० हत्याएं, २८ बलात्कार एवं ९५ मंदिरों में तोडफोड
संपादकीय : राष्ट्र के लिए त्याग करें !
मथुरा (उत्तर प्रदेश) में रामराज्य की स्थापना हेतु की गई सामूहिक प्रार्थना !