
‘पृथ्वी के प्रलय के समय भगवान श्रीविष्णु इसी अक्षयवट के पत्ते पर शिशु रूप में आकर वास करते हैं ।’, ऐसी मान्यता है । इसके साथ ही ‘अक्षयवट के दर्शनमात्र से ही मोक्षप्राप्ति होती है’, यह भी हिन्दुओं की श्रद्धा है ।

‘सुदर्शन वाहिनी’ के संपादक डॉ. सुरेश चव्हाणके तथा शिवसेना विधायक मंगेश कुडाळकर ने कुम्भ पर्व में लगी सनातन संस्था की प्रदर्शनी का सपत्नीक अवलोकन किया । इस अवसर पर उन्होंने सनातन संस्था के धर्मप्रसार के कार्य की प्रशंसा की !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
कोटि कोटि प्रणाम !
सनातन धर्म के मूर्तिमान स्वरूप सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के श्री चरणों में कोटि-कोटि वंदन !
संपादकीय : गुरुभ्यो नमः ।
प.पू. भक्तराज महाराजजी द्वारा अपने शिष्य डॉ. आठवलेजी के प्रति व्यक्त गौरवोद्गार !
इरोड (तमिलनाडु) में ‘महासुदर्शन याग’ एवं ‘आयुष्य होम’ भावपूर्ण वातावरण में संपन्न !