भारत में रोहिंग्या मुसलमानों का पाकिस्तान के आतंकवादी संगठनों से संबंध ! – केंद्र सरकार

केंद्र सरकार ने देहली उच्च न्यायालय में प्रविष्ट एक प्रतिज्ञापत्र में कहा है कि भारत में रहनेवाले रोहिंग्या मुसलमान घुसपैठियोें का पाकिस्तान के आतंकवादी संगठनों से संबंध है । बडी संख्या में इन घुसपैठियों की उपस्थिति ने देश में सुरक्षा के लिए गंभीर समस्या निर्माण की है ।

झारखंड में ’लव जिहाद’ करने वाले आरजू मलिक का घर, बुलडोजर चलाकर गिरा दिया !

उत्तरप्रदेश समान अब झारखंड के बोकारो में हिन्दू लडकी को ‘लव जिहाद’ कर फांसनेवाले आरजू मलिक के घर को प्रशासन ने बुलडोजर से धराशायी कर दिया ।

उत्तरप्रदेश में वक्फ बोर्ड के संपत्ति की जांच होंगी !

उत्तरप्रदेश सरकार का प्रशंसनीय निर्णय ! ऐसा आदेश सभी राज्य सरकारों को देना आवश्यक !

जालंधर के ‘लवली प्रोफेशनल विद्यापीठ’ में छात्र की आत्महत्या !

आत्महत्या के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज !

जनप्रतिनिधि कानून में अनेक सुधार करने की चुनाव आयोग की केंद्र शासन को सिफारिश

आधिकारिक ढंग से चंदे की कितनी भी सीमा तय की गई, तो भी ‘चुनाव में काले पैसे का प्रयोग कैसे होता है’, यह अधिकतर नागरिकों को ज्ञात है तो फिर यह चुनाव आयोग को कैसे नहीं दिखता ?

‘अजिनोमोटो’ के कारण हृदयविकार एवं उच्च रक्तदाब का संकट – शोध

अजीनोमोटो एक प्रकार का रासायनिक नमक है। इसका रासायनिक नाम ‘मोनोसोडियम ग्लूटामेट’ (एमएसजी) है। वर्ष 1909 में इसे एक ‘ब्रांड’ के रूप में व्यावसायीकरण किया गया था। यह स्वाभाविक रूप से टमाटर और पनीर के बीच होता है।

उत्तर प्रदेश में चार लेन की सड़क में अवरोध बनी  मजार को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया !

ऎसे प्रकरण में यदि कोई हिन्दू मंदिर होता और प्रदर्शनकारी स्पष्ट रूप से हिन्दू ही होते, तो भारत भर में धर्मनिरपेक्षतावासियों ने उनके विरुद्ध आलोचना की झडी लगा दी होती एवं उन्हें ‘विकास विरोधी’ सिद्ध कर त्रस्त कर दिया होता, चूंकि वर्तमान प्रकरण में मुसलमान लिप्त हैं, इसलिए योगी आदित्यनाथ के प्रशासन को ये समुदाय ‘मुसलमान विरोधी’ कहकर उनकी मानहानि करने लगे तो उसका आश्चर्य नहीं होना चाहिए !

न्यायव्यवस्था को सुदृढ करना आवश्यक !

न्यायालय के कार्य की फलोत्पत्ति बढने के लिए ‘अभियोगों (मुकदमों) पर निर्णय देने की सीमा निर्धारित करना आवश्यक है !

महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार के लिए राष्ट्रपति मुर्मू सहित विश्वभर के ५०० नेता उपस्थित रहेंगे !

‘स्वतंत्रतासेनानी और हिन्दुओं के प्रमुख शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती के अंतिम संस्कार के लिए भारत की राष्ट्रपति उपस्थित नहीं थीं’, यह हिन्दुओं ने ध्यान में रखा है !