इटली में सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढने पर प्रतिबंध लगानेवाला कानून बनेगा !

इटली जैसा देश यदि ऐसा कानून बनाने का प्रयास कर सकता है, तो भारत की १०० करोड से अधिक जनता को सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढने के कारण जो कष्ट होता है, वहां ऐसा कानून क्यों नहीं बनाया जा सकता ?

न्यूयॉर्क के विद्यालयों को मिलेगा दीपावली अवकाश !

न्यूयॉर्क के महापौर एरिक एडम्स ने यह जानकारी दी । राज्यपाल के हस्ताक्षर के उपरांत सभी विद्यालयों में इस विषय का आदेश लागू होगा ।

‘द केरल स्टोरी’ चलचित्र क्रय करने के लिए एक भी ओटीटी मंच तैयार नहीं !

‘इसके पीछे षड्यंत्र हो सकता है,’ ऐसा दिग्दर्शक सुदीप्तो सेन का आरोप

स्वातंत्र्य वीर सावरकर सहित ५० महापुरुषों की जीवन गाथा पढाई जाएगी !

उत्तर प्रदेश शिक्षा मंडल ने राज्य के शैक्षणिक पाठ्यक्रम में परिवर्तन किया है । अब पाठ्यपुस्तक के माध्यम से स्वातंत्र्य वीर सावरकर समेत ५० महापुरुषों की जीवन गाथा पढाई जाएगी ।

हिन्दू राष्ट्र के इस धर्मयुद्ध में चाहे कितनी भी बाधाएं आएं; परंतु हम निरंतर आगे बढते रहेंगे ! – पू. रमानंद गौडाजी, धर्मप्रचारक, सनातन संस्था

प्रारब्ध के अनुसार प्रत्येक मनुष्य को सुख-दुख भोगना पडता है । धर्मकार्य करते समय कभी पुलिस प्रशासन का दबाव होता है, तो कभी समाज का भी विरोध होता है । हमारी साधना हो, तो ऐसी प्रतिकूल स्थिति में भी हम स्थिर रह सकते हैं, साथ ही हमारा कार्य अखंडित जारी रख सकते हैं ।

देहली में प्रशासन द्वारा शनि मंदिर तोडने के प्रयत्न का हिन्दुओं ने किया विरोध !

क्या प्रशासन ने कभी किसी मस्जिद अथवा चर्च को तोडने के संदर्भ में ऐसा साहस दिखाया है ?

मस्जिद के भोंपुओं की आवाज पर नियंत्रण रखने के लिए हम गंभीरता से प्रयत्न कर रहे हैं !

 जनहित याचिका पर गुजरात सरकार के उच्च न्यायालय में प्रतिपादन !

तमिलनाडु में हिन्दूविरोधी कार्रवाईयों को सरकारी समर्थन ! – श्री. अर्जुन संपत, संस्थापक अध्यक्ष, हिन्दू मक्कल कत्छी, तमिलनाडु

तमिलनाडु में भारी मात्रा में हिन्दूविरोधी कार्रवाईयां शुरू हैं, जबकि तमिलनाडु मूलत: हिन्दुओं की पुण्यभूमि है । नई संसद में स्थापित ‘सांगोल’ (धर्मदंड) इस भूमि से ही ले जाया गया है ।

नक्सलवादी एवं ईसाई धर्मप्रचारकों की देशविरोधी युति ! – अधिवक्ता (श्रीमती) रचना नायडू, छत्तीसगढ

नक्सलवादियों द्वारा वनवासी बच्चों के हाथों में बलपूर्वक बंदूकें पकडाई जाती हैं । नक्सलवादी संगठनों में सम्मिलित होने से नकार देनेवालों की क्रूरता से हत्या कर दी जाती है ।