मणिपुर में राष्ट्रीय नागरिकता अधिनियम लागू करें ! – ‘कोकोमी’ की प्रधानमंत्री से मांग 

बताया जाता है कि मणिपुर के हिंसाचार में म्यांमार से आए स्थलांतरितों का हाथ है । इसलिए सरकार को इस मांग की ओर गंभीरता से देखना आवश्यक !

बंद के कारण इंफाल घाटी का जनजीवन अस्त-व्यस्त !

मणिपुर में २७ विधानसभा चुनाव क्षेत्र समन्वय समिति के आवाहन से ५ अगस्त को २४ घंटे के बंद के कारण इंफाल घाटी का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है । सभी बस्तियों की अधिकांश दुकानें बंद थीं ।

जम्मू-कश्मीर निवासी अब स्वतंत्र जीवन-यापन कर रहे हैं !

धारा ३७० हटाए जाने के ४ वर्ष पूर्ण हुए । इसके उपलक्ष्य में जम्मू-कश्मीर के नायब राज्यपाल मनोज सिन्हा का प्रतिपादन

नूंह (हरियाणा) में हिन्दुओं की यात्रा पर पथराव करने में अग्रसर ‘होटल सहारा’ पर भी बुलडोजर !

कुल ६०० भवनों पर कार्रवाई ! नूंह (हरियाणा) – यहां हिन्दुओं की यात्रा पर कट्टरपंथी मुसलमानों ने सर्वप्रथम तिरंगा चौक के ‘होटल सहारा’ के छज्जे से आक्रमण आरंभ किया था । इस तीन मंजिले भवन से हिन्दुओं पर पथराव किया गया था । भिन्न भिन्न वीडियो द्वारा दंगे का यह प्रकरण सामने भी आ रहा … Read more

सरकार को नूंह में आक्रमण होने के संदर्भ में पूर्व सूचना नहीं थी !

आंतरिक शत्रुओं की गतिविधियों की जानकारी न रखनेवाली सरकार, क्या विदेशी शक्तियों के आक्रमणों का प्रतिकार कर सकेगी ?

नूंह (हरियाणा) में पुलिस अधीक्षक  का स्थानांतर

यहां के पुलिस अधीक्षक वरुण सिंह का स्थानांतर किया गया है तथा उनके स्थान पर नरेंद्र बिजारनिया की नियुक्ति की गई है ।

(और इनकी सुनिए…) शमसीर क्षमा नहीं मांगेंगे ! – मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की उद्दंडता !

धर्मनिरपेक्ष संविधान द्वारा दिए गए पद पर आरूढ एक मुस्लिम व्यक्ति खुलेआम हिन्दूद्वेषी वक्तव्य दे कर भी उसके ऊपर सरकार, पुलिस, प्रशासन, लोकतंत्रवादी, धर्म-निरपेक्षतावादी आदि लोग कुछ भी नहीं बोलते, यह ध्यान में लें !

सदस्यों के बर्ताव में जब तक सुधार नहीं होता, तब तक लोकसभा का कामकाज देखने की मनाही !

ऐसे निर्णय से हडकंप मचानेवाले सदस्यों पर कोई भी परिणाम नहीं होगा । इसके स्थान पर लोकसभा अध्यक्ष ने अपने अधिकाऱ के अंतर्गत शोरगुल करनेवाले इन सदस्यों को ही संसद से बाहर निकालने, निलंबित करने आदि निर्णय लेना अपेक्षित है ।

देश के ४ सहस्र विधायकों के पास ५४ सहस्र ५४५ करोड रुपए की संपत्ति !

‘ए.डी.ए.आर.’ स्वयंसेवी संस्था का विवरण (रिपोर्ट)!

किश्तवाड (जम्मू) स्थित सर्व मदरसों का प्रबंधन सरकार को सौंपने का निर्णय निरस्त !

जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय का निर्णय