Bangladesh Temple Attack : बांग्लादेश के प्राचीन श्री कालीमाता मंदिर पर धर्मांध मुसलमानों का आक्रमण ।

  • मंदिर और मूर्ति की तोडफोड l

  • मुख्य आरोपी को स्थानीय हिन्दुओं ने पकडा।

ढाका (बांग्लादेश) – देश के पंचगढ जिले के अटवारी उपजिले में स्थित ऐतिहासिक श्री कालीमाता मंदिर को कुछ धर्मांध मुसलमानों ने लक्ष्य बनाया । उन्होंने मंदिर की इमारत में तोडफोड की तथा मंदिर में स्थापित पूजनीय श्री कालीमाता की मूर्ति का अत्यंत अमानवीय ढंग से अपमान किया । इस घटना से स्थानीय हिन्दु समुदाय में तीव्र आक्रोश तथा भय का वातावरण फैल गया है ।

मुख्य आरोपी को स्थानीय नागरिकों ने रंगे हाथों पकडा ।

इस प्रकरण के मुख्य आरोपी की पहचान झाकेर इस्लाम के रूप में हुई है । आक्रमण के बाद भागने का प्रयास करते समय स्थानीय हिन्दुओं ने अत्यंत सतर्कता दिखाते हुए उसे रंगे हाथों पकड लिया । अत्यंत चौंकाने वाली बात यह है कि जब स्थानीय लोगों ने उसे पकडा, तब अपमानित की गई श्री कालीमाता की मूर्ति का सिर उसके हाथ में था ।

इस घटना का वीडियो प्रसारित होने के बाद एक स्थानीय निवासी ने कहा, “हमारे इस प्राचीन श्री कालीमाता मंदिर तथा इसकी भूमि पर अधिकार करने के उद्देश्य से इसे पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है । यदि दिन दहाडे, सबके सामने इस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं, तो हम हिन्दुओं को न्याय मांगने के लिए कहां जाना चाहिए ? हम अपने त्योहारों, अपने प्राणों और अपने धर्म की रक्षा कैसे करें ?”

स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने इस प्रकरण में तत्काल हस्तक्षेप कर मंदिर की भूमि को स्थायी संरक्षण प्रदान करना चाहिए तथा पकडे गए झाकेर इस्लाम सहित इस षड्यंत्र में सम्मिलित सभी अपराधियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही करनी चाहिए, ऐसी मांग की जा रही है ।

संपादकीय भूमिका

भारत सहित विश्व के निष्क्रिय तथा निद्रिस्त हिन्दुओं तथा उनके संगठनों को अब बांग्लादेश में होने वाली ऐसी घटनाओं के प्रति कोई संवेदना नहीं रही है, इसलिए ये घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं । कुछ वर्षों में बांग्लादेश के हिन्दुओं का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा, यह भी उतना ही सत्य है ।