मोहम्मद आरिफ को जमानत देने से गुजरात उच्च न्यायालय ने मना किया
कर्णावती (गुजरात) – गुजरात उच्च न्यायालय ने यह कहते हुए गोमांस के साथ पकडे गए आरोपी मोहम्मद आरिफ की जमानत याचिका निरस्त कर दी कि गाय हिन्दुओं के लिए पवित्र है तथा उसकी हत्या से हिन्दुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं ।
उच्च न्यायालय ने कहा कि आरोपी के विरुद्ध पहले से ही इसी प्रकार की ८ घटनाएं प्रविष्ट हैं । पूर्व की घटनाओं में जमानत मिलने के बाद भी वह बार-बार ऐसे अपराध करता रहा है । इसलिए उसे छोडा नहीं जा सकता । न्यायालय ने यह भी कहा कि गुजरात सरकार ने गायों की सुरक्षा के लिए कठोर कानून बनाए हैं । हिन्दू धर्म में गाय को पवित्र माना जाता है एवं उसकी हत्या हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकती है ।
इसके साथ ही न्यायालय ने यह भी कहा कि भारतीय समाज के एक बड़े वर्ग, विशेषकर हिन्दू तथा जैन समुदाय के लिए गाय पवित्र है तथा वे उसकी रक्षा को अत्यंत महत्त्व देते हैं । इस तथ्य की न्यायालय उपेक्षा नहीं कर सकता ।
इस घटना में आरोपी मोहम्मद आरिफ के विरुद्ध दिसंबर २०२५ में गोधरा पुलिस थाने में अभियोग प्रविष्ट किया गया था । १ दिसंबर २०२५ को गोधरा पुलिस ने उसके घर पर छापा मारकर वहां उपस्थित २३ किलोग्राम गोमांस पकडा था । इसके बाद उसे घटनास्थल से बंदी बना लिया गया था ।

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