‘सांस्कृतिक आतंकवाद’ (‘कल्चरल टेररिजम’) का सामना करने के लिए केवल चर्चा नहीं, अपितु ठोस कार्य योजना आवश्यक !

भारतीय संस्कृति को नष्ट करने हेतु विगत अनेक वर्षाें से षड्यंत्र रचकर प्रयास किए जा रहे हैं । इस विचार गोष्ठी में ‘सनातन संस्कृति की रक्षा’ जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर विचार मंथन हुआ । सभी को इस कार्यक्रम में सहभागी होने का आवाहन किया गया । संकलनकर्ता – श्री. प्रशांत जुवेकर, जळगांव

सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव के माध्यम से भारतविरोधी शक्तियों को चुनौती

‘सेव कल्चर सेव भारत फाऊंडेशन’ के संस्थापक अध्यक्ष तथा ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ के  सह-आयोजक श्री. उदय माहुरकरजी द्वारा ‘सनातन प्रभात’ के प्रतिनिधि से व्यक्त किया गया मनोगत !

सनातन धर्म के मूल सिद्धांत समझकर साधना करें तथा देवता, देश एवं धर्म के रक्षक बनें !

दिल्ली के ‘भारत मंडपम्’ में १३ एवं १४ दिसंबर की अवधि में ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ संपन्न हुआ । इस पृष्ठभूमि पर ‘हिन्दुत्व के मूल सिद्धांतों को समझकर किस प्रकार हम धर्मरक्षक बन सकते हैं ?’, इस विषय में प्रस्तुत है एक रोचक लेख !

ईश्वर का कार्य उनके संकल्प से ही होता है, इसकी प्रतीति करानेवाला महोत्सव !

१३ से १५ दिसंबर की अवधि में दिल्ली में सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव एवं राष्ट्र-धर्म जागृति से संबंधित प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था । इस महोत्सव के विषय में हिन्दू जनजागृति समिति के धर्मप्रचारक सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी को प्रतीत हुए सूत्र यहां दिए हैं ।

हिन्दू मंदिर सक्षम होने के कारण लोगों को मंदिरों में ही न्याय मिलेगा ! – करनैल सिंहजी, विधायक, भाजपा, दिल्ली

दिल्ली सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव में हिन्दू मंदिरों के विषय में…

हिन्दुओ, रामराज्य की स्थापना के लिए अपनी क्षमता के अनुसार अधिक से अधिक योगदान दो !

आज से ही स्वयं में और समाज में परिवर्तन लाने का संकल्प करें । प्रभु श्रीराम के चरणों में प्रार्थना करें – ‘हमें इस रामराज्य-स्थापना के शिवधनुष को धारण करने की शक्ति प्रदान करें !’

Shankhnad Mahotsav Delhi : ‘दिल्ली सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ विशेषांक

पांडवों का इंद्रप्रस्थ अर्थात वर्तमान दिल्ली ! यहां संपन्न हुए धर्मतेज एवं क्षात्रतेज से युक्त ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ ने पूरे भारत में हिन्दू राष्ट्र स्थापित करने का संदेश दिया । राष्ट्र हेतु आवश्यक ३ महत्त्वपूर्ण सूत्र – संस्कृति, शौर्य एवं सुरक्षा पर इस महोत्सव में हुए विचार-मंथन ने हिन्दुओं को सक्रिय बनने की प्रेरणा दी ।

‘सनातन राष्ट्र’ का शंखनाद किसलिए ?

‘लोकतंत्र और संविधान के माध्यम से ‘हिन्दू राष्ट्र’ आ सकता है’, यह प्रतिबिंबित करने के लिए ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ का आयोजन !

Shankhnad Mahotsav Delhi : शौर्य परंपरा को जानें ! सनातन राष्ट्र का संकल्प लें !

नई दिल्ली के भारत मंडपम् में ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ के अवसर पर शिवकालीन  (छ. शिवाजी महाराजजी के काल के) ऐतिहासिक शस्त्रों की प्रदर्शनी लगाई गई थी, इसमें शिवकालीन तोपें और तोप के गोलों सहित सैकडों शस्त्रों की प्रदर्शनी का लाभ उठाया ।

Shankhnad Mahotsav Delhi : ‘रणसंवाद – भारत की सामरिक नीति’ विचारगोष्ठी !

‘गजवा-ए-हिन्द’ के जवाब के रूप में वैचारिक ‘गजवा-ए-इस्लाम’ का आरंभ कीजिए ! – ‘रॉ’ के पूर्व अधिकारी कर्नल आर.एस.एन. सिंहजी का आवाहन