सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी द्वारा सत्संग में साधकों को नामजप के संदर्भ में किया गया अनमोल मार्गदर्शन !

काल की महिमा के कारण मन में आनेवाले माया के विचारों से बाहर निकलने के लिए नामजप बढाएं !

‘अपने मन के प्रति अपना दृष्टिकोण कैसा हो ?’, इस विषय पर ज्ञानयोगी पू. अनंत आठवलेजी द्वारा किया अनमोल मार्गदर्शन !

सनातन की साधिका डॉ. (श्रीमती) मधुवंती पिंगळे ने सनातन के १०१वें संत ज्ञानयोगी पू. अनंत आठवलेजी को जिज्ञासावश एक प्रश्न पूछा । वह प्रश्न और उस पर पू. अनंत आठवलेजी का उत्तर आगे दिया है ।

Dr. Mohanji Bhagwat : आगामी २० से ३० वर्षों में भारत विश्वगुरु बनेगा !

“संपूर्ण विश्व को सुख तथा शांति प्रदान करने वाला नवीन मार्ग भारत दिखाएगा । भारत हिन्दू राष्ट्र एवं धर्म राष्ट्र बनेगा । कोई भी इसे परिवर्तित नहीं कर सकेगा ।” ऐसा विधान प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत ने मथुरा में किया ।

हिन्दू धर्म को बांटोगे, तो याद रखिए : मैं हिमालय की भांति खडा हूं ! – HH Kadsiddheshwar Swami

कोल्हापुर के सिद्धगिरी मठ के मठाधिपति प.पू. काडसिद्धेश्वर स्वामीजी ने कहा कि वीरशैव एवं लिंगायत भिन्न न होकर वे एक ही हैं । हम पहले हिन्दू हैं तथा उसके उपरांत हम वीरशैव एवं लिंगायत हैं ।

Shankhnad Mahotsav Delhi : सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव का समापन सत्र : सनातन राष्ट्र संकल्पसभा

चरित्रवान लोग ही धर्मयुद्ध कर सकते हैं । जिनके पास चरित्र नहीं है, वे युद्ध नहीं जीत सकते । भारत के पास चरित्र होने के कारण पाकिस्तान के विरुद्ध के अनेक छोटे-बडे युद्धों में भारत को सफलता मिली । चरित्रनिर्माण सरल नहीं है तथा चरित्र का शिक्षा से कोई भी संबंध नहीं है ।

Goa PM Modi : विकसित भारत के लिए अध्यात्म, राष्ट्रसेवा और विकास में समन्वय आवश्यक !

इस अवसर पर श्रीमद् विद्याधीश तीर्थ श्रीपाद वडेर स्वामीजी ने कहा, “देश के प्रधानमंत्री और स्वयं को ‘प्रधान सेवक’ कहने वाले नरेंद्र मोदीजी की उपस्थिति के कारण आज का दिन मठ के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चातुर्मास व्रत का एकभुक्त रहकर पालन करते हैं और नवरात्र में उपवास भी करते हैं ।

RSS Dr. Mohanji Bhagwat : यदि हिन्दुओं का अस्तित्व समाप्त हो गया, तो विश्व समाप्त हो जाएगा !

हिन्दू समाज समय-समय पर विश्व को धर्म का योग्य अर्थ बताता है एवं उसका मार्गदर्शन करता है । यह हमारा ईश्वर प्रदत्त कर्तव्य है, ऐसा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत ने कहा ।

Devkinandan Thakurji : सनातन संस्कृति के पुनरुत्थान हेतु ‘सनातन बोर्ड’का गठन कीजिए ! – कथावाचक देवकीनंदन ठाकूर

सनातन संस्कृति के पुनरुत्थान हेतु हरिद्वार में २१ नवंबर को ‘विश्व सनातन महापिठा’का शिलान्यास समारोह उत्साहित वातावरण में संपन्न हुआ । इस समारोह में बोलते हुए कथावाचक देवकीनंदन ठाकूर ने यह मांग की ।

श्री चित्‌शक्ति (श्रीमती) अंजली मुकुल गाडगीळजी की अमूल्य विचारसंपदा !

स्वभावदोष एवं अहं निर्मूलन की प्रक्रिया गंभीरता से, लगन के साथ तथा आनंद से की, तो १० से १५ दिन में ही प्रक्रिया कर रहे साधक के चेहरे में अच्छा परिवर्तन प्रतीत होता है ।

‘गर्भावस्था में ही शिशु को सुसंस्कारित करने का महत्त्व’, इस विषय में श्रीचित्‌शक्ति (श्रीमती) अंजली मुकुल गाडगीळजी द्वारा बताए गए मौलिक सूत्र

गर्भावस्था में ही यदि शिशु को साधना के संस्कार दिए गए, तो उससे पूर्वजन्म के संस्कार नष्ट होने में सहायता मिलती है !