केवल जातिवाचक संज्ञा से संबोधित करना अपराध नहीं ! – इलाहाबाद उच्च न्यायालय
यदि किसी व्यक्ति को उसकी जाति के नाम से संबोधित किया जाता है; परंतु उसके पीछे अपमानित करने अथवा भयभीत करने का उद्देश्य न हो, तो उसे अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत अपराध नहीं माना जा सकता, ऐसा महत्त्वपूर्ण निर्णय इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दिया ।