छत्रपति संभाजीनगर में ४५३, जबकि अमरावती में ६० नाबालिग लडकियां ‘कुमारी माता’ हैं !

विधानसभा प्रश्न एवं उत्तर

महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे

मुंबई, १ मार्च ( समाचार .) – राज्य में बाल विवाह एवं यौन अत्याचार के बढते प्रकरणों के कारण ‘कुमारी माता’ बनने वाली नाबालिग लडकियों की संख्या में आश्चर्यजनक वृद्धि हुई है । छत्रपति संभाजी नगर जिले में पिछले वर्ष ४५३ एवं अमरावती जिले में पिछले ९ महीनों में ६० नाबालिग लडकियां ‘कुमारी माता’ बनी हैं, यह जानकारी महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने विधानसभा में दी । उन्होंने यह बात सदस्या श्रीमती सईं दहाके एवं सदस्य प्रदीप जायसवाल के उठाए गए एक तारांकित प्रश्न का उत्तर देते हुए कही ।

मंत्री अदिति तटकरे की दी गई जानकारी के अनुसार, अमरावती जिले में पिछले ९ महीनों में ‘बाल विवाह प्रतिबंधक कानून’ के अंतर्गत १२ प्रकरणों में अपराध लिखित किए गए हैं । छत्रपति संभाजी नगर जिले में वर्ष २०२४-२५ में १७३ बालविवाह रोकने में प्रशासन सफल रहा है एवं ९ प्रकरणों में ‘बालविवाह प्रतिबंधक कानून’ एवं ‘पॉक्सो /POCSO’ के अंतर्गत कठोर कानूनी कार्यवाही की गई है । बालविवाह रोकने के लिए राज्य के प्रत्येक जिले में ‘जिला बाल सुरक्षा कक्ष’ बनाया गया है । केंद्र सरकार के ‘बालविवाह मुक्त भारत अभियान’ के द्वारा सार्वजनिक जागरूकता निर्माण की जा रही है ।

संपादकीय भूमिका

  • पाश्चात्य संस्कृति का अंधानुकरण , चलभाष का अनिर्बंध उपयोग , संस्कारों की कमी एवं माता-पिता की लापरवाही यही सब कारक लडकियों की इस दयनीय स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं !
  • केवल कानून बनाने या अभियान चलाने से इस समस्या का समाधान नहीं हो सकता । जब तक समाज में धार्मिक आचरण एवं *चरित्र संवर्धन की शिक्षा नहीं दी जाती, तब तक नाबालिग लडकियों को ऐसे संकटों से बचाना कठिन है !
  • सरकार को अपराधी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करनी चाहिए ; लेकिन माता-पिता का कर्तव्य है कि वे अपने बच्चों पर उचित संस्कार करें तथा उन्हें अनुचित मार्ग से बचाएं यही समय की आवश्यकता है !