१० से १७ वर्ष आयु के १ करोड ५८ लाख बच्चे व्यसनाधीन ! – केंद्र सरकार ने दी उच्चतम न्यायालय को जानकारी
यह स्थिति स्वतंत्रता के उपरांत अभी तक के सभी शासनकर्ताओं के लिए लज्जास्पद ! बच्चों को यदि बचपन से साधना सिखाई गई होती, तो बच्चे सदाचरणी बने होते !
यह स्थिति स्वतंत्रता के उपरांत अभी तक के सभी शासनकर्ताओं के लिए लज्जास्पद ! बच्चों को यदि बचपन से साधना सिखाई गई होती, तो बच्चे सदाचरणी बने होते !
अल्पसंख्यकों को मुख्य धारा में लाने का चाहे कितने भी प्रयास क्यों न किए जाए; परंतु तब भी अल्पसंख्यकों के लिए उनका धर्म ही ‘प्रथम’ होता है, इसे ध्यान में रखिए !
मंदिर हमारी संस्कृति और इतिहास के संरक्षक हैं । मोदी सरकार का ध्यान विश्व भर में भारत की समृद्ध परंपराओं के पुनर्निर्माण पर है । भारतीय संस्कृति का प्रसार अनेक देशों में हुआ है । इसी के अंतर्गत भारत कंबोडिया में अंगकोरवाट मंदिर का जीर्णोद्धार कर रहा है ।
पुन:एक बार पुन: यह सिद्ध हुआ कि जनता दल (संयुक्त) तथा राष्ट्रीय जनता दल के राज्य में केवल नाम के लिए मदिरा-दारूबंदी है !
हिन्दू संगठनों की मांग सफल हुई ।
टीपू सुल्तान के कारण कहा जाता था ‘सलाम आरती’ !
पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है, तभी से खालिस्तानी आतंकवादियों की गतिविधियों में बडी मात्रा में वृद्धि हुई है । यह देखते हुए केंद्र सरकार को अब कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है !
देश के विविध उच्च न्यायालयों में आज भी अनेक न्यायालयीन पद रिक्त हैं । इस कारण इन न्यायालयों में प्रकरण बडी मात्रा में प्रलंबित हैं । इस पर उपाय निकालने के लिए उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार को एक सूचना जारी की है ।
यह है केरल की साम्यवादी सरकार का वास्तविक रूप ! सदैव स्त्री-पुरुष समानता के विषय में बोलनेवाले साम्यवादी मुसलमानों के तुष्टीकरण के कारण किस प्रकार तत्त्वों को छोड देते हैं, यह इसी का उदाहरण है !
यह प्रकरण न्यायप्रविष्ट होने से उस पर तीव्रगति से निर्णय आने के लिए सरकार प्रयास कर सच्चाई सामने लाएगी, तो ऐसी घटनाएं बार-बार नहीं होंगी !
बच्चों पर संस्कार करने के लिए अभिभावक उनको विद्यालय में भेजते हैं; लेकिन वे वहां क्या करते हैं, यह इस घटना से ध्यान में आता है । घर, विद्यालय और समाज में बच्चों पर योग्य संस्कार होने के लिए प्रयास करने के लिए वहां वैसा वातावरण भी निर्माण करने की आवश्यकता है !