कर्नाटक में विद्यालयों के निकट पिज्जा-बर्गर के विक्रय पर शीघ्र ही प्रतिबंध !

बच्चों को स्वास्थ्यवर्धक आहार की आदत डालने के लिए कर्नाटक सरकार का निर्णय

मंत्री यू.टी. खादर

मंगलुरु (कर्नाटक) – विद्यार्थियों को पौष्टिक आहार की आदत डालने के लिए विद्यालयों के निकट पिज्जा तथा बर्गर के विक्रय पर शीघ्र ही प्रतिबंध लगाया जाएगा, ऐसी घोषणा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री यू.टी. खादर ने यहां की ।

पत्रकारों से वार्ता करते हुए खादर ने कहा कि, विद्यार्थियों को होने वाले अनेक रोगों के मूल में वास्तविक कारण ‘जंक फूड’ (प्रसंस्कृत एवं स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक अन्न पदार्थ) का सेवन करना है । विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए पौष्टिक आहार आवश्यक है तथा विद्यालयी स्तर पर ऐसे पदार्थों पर प्रतिबंध लगाने से विद्यार्थियों में बाल्यावस्था से ही स्वास्थ्यवर्धक आदतें विकसित होंगी । सरकार खाद्य सुरक्षा के नियमों को अधिक कठोर करने के साथ-साथ खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं को अधिक सक्षम बनाएगी । मिलावटी तथा निकृष्ट अन्न पदार्थों पर नियंत्रण रखने के लिए वर्तमान प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण तथा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित करने का कार्य भी हाथ में लिया गया है । खादर ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘जंक फूड’ पर प्रतिबंध का आदेश शीघ्र ही प्रसारित (जारी) किया जाएगा ।

संपादकीय भूमिका

  • कहां शारीरिक एवं मानसिक रूप से सक्षम रखने वाला भारतीय आहार, तथा कहां स्वास्थ्य बिगाडने वाला पाश्चात्य आहार ! भारतीयों को अब तो अपने आहार का महत्त्व समझ में आएगा क्या ?
  • कांग्रेस सरकार के राज्य में ऐसा निर्णय लिया जा सकता है, तो अन्य दलों के राज्यों में वह क्यों नहीं लिया जाता ?