मैं मुसलमान हूं; पर देश में शरीयत लागू नहीं करूंगा ! – Burkina Faso President Ibrahim

अफ्रीका महाद्वीप के देश बुर्किना फासो के राष्ट्रपति इब्राहिम की घोषणा

बोबोडिउलासो (बुर्किना फासो) — मैं एक मुसलमान हूं एवं अपने धर्म की परंपराएं निभाने का मेरा अधिकार है । उसी प्रकार बुर्किना फासो में रहने वाले अन्य धर्मों के अनुयायियों को भी अपने-अपने धर्म के अनुसार जीवनयापन का पूरा अधिकार है । मैं यह पूर्णरूप से स्पष्ट करना चाहता हूं कि इस देश में कभी भी शरीयत कानून लागू नहीं किया जाएगा, यह घोषणा अफ्रीका महाद्वीप के मुस्लिम बहुल देश बुर्किना फासो के राष्ट्रपति इब्राहिम ट्राओरे ने की । उन्होंने आगे कहा कि उनका देश पूरी तरह सार्वभौमिक एवं धर्मनिरपेक्ष बना रहेगा । कोई धर्म देश से बडा नहीं है एवं हम शरीयत कानून स्वीकार नहीं करेंगे ।

शरीयत की शिक्षा लेने के लिए जो लोग सऊदी अरब गए हैं उनको देश में वापस नहीं लिया जाएगा !

राष्ट्रपति इब्राहिम ट्राओरे ने यह भी स्पष्ट किया कि बुर्किना फासो से सऊदी अरब जाकर शरीयत कानून का अध्ययन करने वाले लोगों को देश में वापस नहीं लिया जाएगा । उन्होंने कहा कि हम अपने देश में शरीया लागू नहीं करना चाहते । ऐसी परिस्थितियों में जो लोग सऊदी अरब में शरीया सीख रहे हैं, उनकी हमें आवश्यकता नहीं है । उन्हें वहीं रहना चाहिए । उन्हें हमारे देश में लौटने की कोई आवश्यकता नहीं है । उन्होंने स्वयं शरीयत कानून का अध्ययन करने का विकल्प चुना, यद्यपि वे इसके स्थान पर हमारे देश के विकास के लिए उपयोगी तकनीकी ज्ञान एवं कौशल अर्जित कर सकते थे ।

बुर्किना फासो की जनसंख्या लगभग १ करोड ३८ लाख है । २०१९ की जनगणना के अनुसार यहां की जनसंख्या में लगभग ६४% लोग मुस्लिम एवं २६% लोग ईसाई (रोमन कैथोलिक) धर्म के अनुयायी हैं । शेष लोग अन्य धर्मों का पालन करते हैं ।