बिट्टू बजरंगी यह बजरंग दल का सदस्य नहीं ! – विहिप का स्पष्टीकरण

परिषद का कहना है कि बजरंगी के वीडियो का विषय अयोग्य था । बिट्टू बजरंगी ‘गोरक्षा बजरंग दल’ का संस्थापक अध्यक्ष है ।

सर्वोच्च न्यायालय ने रेल विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर रोक लगाई !

मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि के निकट किया था अतिक्रमण

७७ वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विश्व के नेताओं ने किया भारत का अभिनंदन !

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि, इस विशेष दिन के लिए भारत को विशेष शुभकामना ! भारत के साथ हमारे रणनीतिक सहकार्य हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं ।

आतंकवाद का नया स्वरूप !

जिहादी भारत को ‘गजवा-ए-हिन्द’ बनाने के लिए वे अलग-अलग षड्यंत्र रच रहे हैं तथा दुर्भाग्यवश वे सफल भी हो रहे हैं । इसलिए हिन्दुओं का भविष्य संकट में है । उन्हें न पुलिस बचा सकती है, न प्रशासन, न राजनेता । नूंह जैसी घटनाएं ऐसे ही घटती रहीं, तो हिन्दुओं को अल्पसंख्यक बनने में समय नहीं लगेगा ।

(और इनकी सुनिए…) ‘कश्मिरी लोगों को उन्हें वश में रखनेवाली शक्तियों से स्वतंत्रता मिलेगी !’ – पाकिस्तान के सेनाप्रमुख

पाकिस्तान आर्थिक रूप से दिवालिया हो चुका है तो भी उसका कश्मीर को प्राप्त करने का लालच कभी अल्प नहीं होता है । ऐसे पाकिस्तान को उसकी हैसियत दिखाना आवश्यक है !

पाकिस्तान पृथ्वी पर नरक है ! – नेदरलैंडस के सांसद

जो बात यूरोपियन राजनीतिक नेता को समझ में आती है, वह ‘भारत-पाकिस्तान की एकता’ का सपना देखने वाले क्या नहीं जानते, यह भारत का दुर्भाग्य है !

(और इनकी सुनिए…) ‘प्रधान मंत्री को १५ अगस्त के भाषण में नूंह की लक्ष्यित कार्रवाई का निषेध करना चाहिए !’ – एम.आइ.एम. पार्टी के सांसद असदुद्दीन ओवैसी

नूंह की अवैध दुकानें एवं घरों पर बुलडोजर चलाया, इस कार्रवाई से वक्तव्य !

केरल के मल्लपुरम में पी.एफ.आई. के जिहादी कार्यकर्ताओं के घरों पर मारे गए छापे !

प्रतिबंधित पी.एफ.आई. के जिहादी कार्यकर्ताओं की कार्यवाहियां आज भी चल रही हैं । इस कारण पी.एफ.आई. पर केवल प्रतिबंध लगाना उपयोगी न होकर उसकी जडों को खोदना आवश्यक है !

मुसलमानों को गांव में प्रवेश बंदी घोषित करने वाले ग्राम पंचायतों को कारण बताओ नोटिस !

नूंह (हरियाणा) में हिंसा का प्रकरण
राज्य के ३ जिलों की ५० ग्राम पंचायतों द्वारा निकाला गया प्रवेश बंदी का आदेश बाद में पीछे भी लिया !

५ मुस्‍लिमबहुल निर्वाचन क्षेत्र अनुसूचित जाति तथा जनजाति के लिए आरक्षित !

असम में घुसपैठियों की संख्‍या अधिक है । इसलिए मुस्‍लिम बहुल निर्वाचन क्षेत्र से स्‍वयं को जैसे चाहिए वैसे उम्‍मीदवार चुनकर लाने का धर्मांधों का प्रयास है । राज्‍य की सुरक्षा पर उसका सीधा परिणाम होता है ।