वर्तमान में चल रहे ‘टी २० विश्व कप’ के उपलक्ष्य में…क्रिकेट एवं अध्यात्म

प्रत्येक क्षेत्र के व्यक्ति ने यदि अध्यात्म अपनाया, तो उन्हें निश्चित ही उसका लाभ मिलता है । इसी पद्धति से क्रिकेट के विभिन्न खिलाडियों द्वारा अध्यात्म को अपनाने से उन्हें मिले लाभ दर्शानेवाले कुछ सूत्र श्री गुरुचरणों में अर्पण कर रहा हूं ।

‘पूजाघर तथा उसमें देवताओं की रचना’ के संदर्भ में अध्यात्मशास्त्र

पूजाघर में देवताओं की रचना करते समय क्या पूजाघर के ऊपर भी देवताओं के कुछ चित्र एवं मूर्तियां रखना उचित है ? तथा ऐसा रखने से उसका क्या परिणाम होता है ? क्या यह परिणाम देवता के अनुसार बदलता है ?

संत-महात्माओं के आशीर्वाद से हिन्दू राष्ट्र निश्चित ही साकार होगा !

‘उद्योगपतियों का स्वयं का जीवन समृद्ध होगा, उनके व्यवसाय का विस्तार होगा, साथ ही देश के सर्वांगीण विकास में भी उनका योगदान रहेगा; इसका मैंने स्वयं अनुभव किया है । इसलिए इसी अनुभव पर आधारित लेखमाला का आरंभ कर रहा हूं ।

धार्मिक कृत्य उचित पद्धति से करने हेतु मार्गदर्शक सनातन के ग्रंथ !

पंचोपचार एवं षोडशोपचार पूजन का अध्यात्मशास्त्रीय आधार एवं देवालय में देवता के प्रत्यक्ष दर्शन से पूर्व के कृत्यों का अध्यात्मशास्त्र

Bhagavad Gita Police Training : मध्यप्रदेश में पुलिस के सभी प्रशिक्षण केंद्रों में नए पुलिसकर्मियों को सिखाई जा रही है श्रीमद्भगवद्गीता !

मध्यप्रदेश पुलिस का अभिनंदनीय उपक्रम ! देश के प्रत्येक क्षेत्र के लिए इस प्रकार की धर्मशिक्षा दी जानी चाहिए ।

तुलसी विवाह का अध्यात्मशास्त्र तथा तुलसी का अद्वितीय महत्त्व

इस लेख में हम ‘तुलसी दर्शन का महत्त्व, तुलसी की आध्यात्मिक विशेषताएं, प्रतिवर्ष श्रीकृष्ण के साथ तुलसी का विवाह कराने के संदर्भ में कथा, साथ ही ‘देवता को भोग लगाते समय तुलसी के पत्तों का उपयोग क्यों करना चाहिए ?’, इस संदर्भ में जानकारी दे रहे हैं ।

विश्व स्तर के आदरणीय आध्यात्मिक नेता तथा ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के संस्थापक श्री श्री रविशंकरजी !

श्री श्री रविशंकरजी विश्व स्तर के आदरणीय आध्यात्मिक एवं मानवतावादी नेता हैं । उन्होंने तनावमुक्त एवं हिंसाचारमुक्त समाज के निर्माण हेतु वैश्विक आंदोलन का अभूतपूर्व नेतृत्व किया है ।

विश्वस्तर के आदरणीय आध्यात्मिक नेता तथा ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के संस्थापक श्री श्री रविशंकरजी !

श्री श्री रविशंकरजी विश्व स्तर के आदरणीय आध्यात्मिक एवं मानवतावादी नेता हैं । उन्होंने तनावमुक्त एवं हिंसाचारमुक्त समाज के निर्माण हेतु वैश्विक आंदोलन का अभूतपूर्व नेतृत्व किया है ।

स्त्री अथवा पुरुष, ऐसा कोई भी अहं न रखते हुए, एक-दूसरे को सम्मान देना आवश्यक !

वर्तमान में पुरुष स्त्री की ओर ‘आदिशक्ति का रूप’, इस भाव से नहीं देखते । उसके कारण वे उसके साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार नहीं करते

सनातन के ग्रंथ

शक्ति का परिचयात्मक विवेचन | लव जिहाद (धर्मसंकट का स्वरूप एवं उपाय)