परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजीके वर्ष १९९२ में आयोजित अभ्यासवर्ग (साधनासम्बन्धी विवेचन, शंकासमाधान इत्यादि सहित)

परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी ने अपने शीव (सायन, मुंबई) स्थित चिकित्सालय में शनिवार, १७.५.१९८६ एवं रविवार, १८.५.१९८६ के दिन ‘अध्यात्म’ विषय पर अभ्यासवर्ग लेना आरम्भ किया । तदुपरान्त वर्ष १९८७ से वर्ष १९९४ की समयावधि में उन्होंने मन्दिर आदि स्थानोंपर जाकर अभ्यासवर्ग लेना आरम्भ किया । सनातनके साधक श्री. विवेक पेंडसेने परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजीद्वारा वर्ष १९९२ और वर्ष १९९३ में लिए अभ्यासवर्गोंके सूत्र लिख लिए थे । इस ग्रन्थमें परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजीद्वारा लिए गए अभ्यासवर्गोंमें जिज्ञासुओंद्वारा पूछे गए प्रश्न और परात्पर गुरु डॉक्टरजीद्वारा दिए उत्तर अन्तर्भूत हैं । इसे पढकर जिज्ञासु एवं साधकोंको साधनाके लिए उसका निश्चितरूपसे लाभ होगा !
सनातन के आगामी ग्रंथ
- परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजीके वर्ष १९९३ में आयोजित अभ्यासवर्ग
- परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजीकी साधकोंको अनुभव हुईं विशेषताएं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?