‘मदरसों के सर्वेक्षण की नोटिस लेकर आनेवालों का स्वागत चप्पलों से करें !’
कानून हाथ में लेने के लिए भडकानेवालों पर सरकार त्वरित परिवाद प्रविष्ट कर कारागृह में डाले !
कानून हाथ में लेने के लिए भडकानेवालों पर सरकार त्वरित परिवाद प्रविष्ट कर कारागृह में डाले !
ईसाई मिशनरी मानवता के लिए विद्यालय और चिकित्सालय अवश्य चलाएं; परंतु इन सुविधाओं के नाम पर हिन्दुओं को ईसाई बनाने के लिए हिन्दुओं का धर्मांतरण क्यों ? शिक्षा और अन्य सेवाओं के नाम पर व्यापार चलाया जा रहा है ।
इस प्रकार की खुली धमकी देनेवाले पर अपराध प्रविष्ट कर उसे कारागृह में डालना चाहिए ! हिन्दू न्यायालय का निर्णय हमेशा ही स्वीकारते हैं; लेकिन धर्मांध मुसलमान इस प्रकार की धमकी देते हैं, यह ध्यान में लें !
केवल आतंकवादियों को मारने से कश्मीर में चल रहा जिहादी आतंकवाद नष्ट नहीं होगा, इसके लिए कश्मीर की जिहादी मानसिकता और आतंकवाद के निर्माता पाक को नष्ट करना आवश्यक है !
मुहम्मद पैगंबर का कथित अपमान किया; इस विधान से नूपुर शर्मा का सिर काटने की धमकी देनेवाले धर्मबांधव, जब हिन्दुओं की धार्मिक भावना आहत होती है, तब हिन्दू वैध मार्ग से विरोध करते हैं । क्या इस सूत्र पर हिन्दुओं को ‘भगवा आतंकवादी’ बोलनेवाले मुंह खोलेंगे ?
लव जिहाद पर प्रतिबंध लगाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कठोर लव जिहादविरोधी कानून करने के साथ ही समान नागरिक कानून करना आवश्यक है । इससे मुसलमान एक से अधिक विवाह नहीं कर सकेंगे, यह ध्यान रखें !
लव जिहाद के षड्यंत्र की बलि केवल हिन्दू युवतियां एवं महिलाएं ही नहीं, अपितु अनेक ईसाई महिलाएं भी चढ रही हैं । ऐसे तो सदैव ईसाइयों का तुष्टीकरण करनेवाले धर्मनिरपेक्षतावादी इस प्रकरण पर कुछ कहेंगे ?
झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार होने से धर्मांध मुसलमानों को प्रोत्साहन मिला है । अब तो यह प्रश्न उठता है कि ‘क्या राज्य में कानून-सुव्यवस्था है भी या नहीं ?’
हिन्दुओं पर धर्मांध मुसलमान आक्रमण करते ही हैं, परंतु हिन्दुओं के त्योहार मनानेवाले अपने ही धर्मबधुओं को भी नहीं छोडते ! इस विषय में ढोंगी निधर्मीवादी एवं आधुनिकतावादी अपना मुंह खोलेंगे ?
झारखंड में कुछ दिन पूर्व ही एक मुसलमान युवक ने हिन्दू युवती की जलाकर हत्या की थी । ये घटना नई ही थी, पुन: ऐसी घटना घटती है, यह झारखंड हिन्दुओं के लिए पाकिस्तान बनने का दर्शक है ! इसके लिए राज्य का झारखंड मुक्ति मोर्चा का शासन ही उत्तरदायी है !