
द्वारका (गुजरात) – कुछ समय पूर्व ही गुजरात में पाकिस्तान की सीमा के पास स्थित द्वारका के बेट द्वारका पर अतिक्रमण कर भारत की सुरक्षा के लिए संकट निर्माण करने का बडा षड्यंत्र उजागर होने के पश्चात यहां मुसलमानाें द्वारा अवैध रूप से निर्माण की गई मजारें तथा मस्जिदें आदि तोडी गईं । इस बेट पर जाने हेतु नौका की सहायता लेनी पडती है । बेट द्वारका ही भगवान श्रीकृष्ण की द्वारका है, ऐसा कहा जाता है । ‘यहां श्रीकृष्ण का घर था । सुदामा इसी बेट पर भगवान श्रीकृष्ण को मिलने गए थे’, ऐसा कहा जाता है ।
बेट द्वारका तथा कराची के मध्य अंतर लगभग १८५ ‘नैटिकल मैल’, अर्थात लगभग ३४२ किमी है । ‘यहां मुसलमानों द्वारा अवैध रूप से निर्मित धार्मिक स्थल जिहादी आतंकवादियों के लिए आश्रयस्थल सिद्ध होते थे । अवसर मिलते ही ये आतंकवादी भारत के विविध भागों में आक्रमण भी कर सकते हैं,’ सुरक्षातंत्रों को ऐसा भय था । तटरक्षक दल के थाने के सामने अनेक अवैध निर्माणकार्य किए गए थे । यहां रहनेवाले लोगों ने भारतीय सैन्य की गतिविधियों पर ध्यान रखा था । इसीलिए प्रशासन द्वारा यहां के निर्माणकार्याें पर कार्यवाही की गई । अब गुप्तचर तंत्र इस निर्माणकार्य के पीछे कौन थे ? इसकी जांच कर रहे हैं ।
Nearly 35 illegal structures at Beyt Dwarka island in Dev Bhoomi Dwarka district of Gujarat have been demolished over the last three days, a district official said.https://t.co/GxnYBGzjMN
— Hindustan Times (@htTweets) October 3, 2022
संपादकीय भूमिकाभारत की सुरक्षा की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण बेट द्वारका पर इस प्रकार के अवैध निर्माणकार्य होते रहने तक क्या गुप्तचर, प्रशासन तथा पुलिस विभाग शयन कर रहे थे ? यदि इस कालावधि में कोई रक्तपात(खूनखराबा) हुआ होता, तो उसके लिए कौन उत्तरदायी रहता ? इन सभी सूत्रों की जांच होनी चाहिए ! |
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