Wrong Blood : राजस्थान के अस्पताल में प्रसूता को ‘ओ-पॉजिटिव’ के स्थान पर असावधानीवश ‘बी-पॉजिटिव’ रक्त चढाया गया , अवस्था गंभीर ।

जयपुर (राजस्थान) – जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में प्रसव के बाद २४ वर्षीय महिला को असावधानीवश दूसरे रक्त समूह का रक्त चढा दिया गया, जिससे उसकी अवस्था गंभीर हो गई । महिला का नाम धापू भील है तथा वह जोधपुर जिले के डावरा बावडी गांव की निवासी है । घटना के अगले दिन उसकी अवस्था बिगडने पर १३ जुलाई को उसे महात्मा गांधी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया । एस.एन. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बी.एस. जोधा ने बताया कि घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी ।

१. धापू भील ने ११ जुलाई को एक पुत्र को जन्म दिया । प्रसव के बाद एनीमिया (रक्त में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी) तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उसी दिन उसे उम्मेद अस्पताल में भर्ती कराया गया । पहले उसे उसके रक्त समूह ‘ओ-पॉजिटिव’ (O+) का रक्त चढाया गया, किंतु १२ जुलाई की रात दूसरी बार रक्त चढाते समय भूलवश ‘बी-पोजिटिव’ (B+) रक्त चढा दिया गया ।

२. परिजनों के अनुसार, रक्त चढाने के तुरंत बाद महिला को तेज कंपकंपी होने लगी । इसके बाद उसके मूत्र की थैली में रक्त दिखाई देने लगा, जो गलत रक्त चढाए जाने का संकेत था । उसकी अवस्था तेजी से बिगडती गई तथा उसकी किडनी ने काम करना बंद कर दिया । परिजनों ने बताया कि उसे पेशाब आना बंद हो गया एवं रक्तस्राव भी होने लगा । इसके बाद उसे महात्मा गांधी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया ।

३. महिला के पति किशनाराम ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें यह नहीं बताया कि धापू को महात्मा गांधी अस्पताल क्यों भेजा जा रहा है । साथ ही, उसे गलत रक्त चढाए जाने की जानकारी भी उनसे छिपाई गई ।

दो महिलाओं के नाम एक समान होने से हुआ भ्रम ।

अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, अस्पताल में भर्ती दो महिलाओं के नाम एक जैसे थे तथा उनके पतियों के नाम भी समान थे । उनमें से एक महिला का रक्त समूह ‘बी-पॉजिटिव’ था । इसी कारण रक्त चढाते समय कर्मचारियों से यह गंभीर त्रुटि हुई होने की आशंका व्यक्त की जा रही है ।

संपादकीय भूमिका

अस्पताल की असावधानी से रोगी का जीवन संकट में पडने के कारण संबंधित दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आवश्यक ।