Kolhapur Fight For Chhatrapati Shivaji Maharaj University : ‘शिवाजी विद्यापीठ’ का नामविस्तार ‘छत्रपति शिवाजी महाराज विद्यापीठ’ होना ही चाहिए !
कोल्हापुर में मोर्चा के द्वारा सहस्रों हिन्दुओं की ललकार
कोल्हापुर में मोर्चा के द्वारा सहस्रों हिन्दुओं की ललकार
कुछ भी हो जाए, महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र का महिमामंडन (प्रशंसा) और उदात्तीकरण (सुंदरीकरण) नहीं होने दूंगा और यदि कोई ऐसा करने का प्रयत्न करेगा तो वह प्रयत्न वहीं समाप्त कर दिया जाएगा, यह वचन देता हूं । यह बयान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने १७ मार्च को दिया
महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र एक विषैली तलवार की भांति है । महाराष्ट्र के हिन्दू मांग कर रहे हैं कि इस कब्र को राज्य से हटा दिया जाए । अब देशभर के हिन्दू पूछ रहे हैं कि औरंगजेब की कब्र आज भी यहां क्यों है ?
महाराष्ट्र संतों की भूमि है । महाराष्ट्र में हम संतों का बाल भी बांका नहीं होने देंगे, यह मेरा वचन है । धर्म की रक्षा करना हम सभी का दायित्व है ।
यह योजना मूलतः हलाल जिहाद को विरोध करने के लिये बनाई गई थी, तो यह केवल विरोध के लिए विरोध नहीं तो नहीं है ना ?
ऐसी चेतावनी देनी ही क्यों पडती है ? सरकार तथा प्रशासन स्वयं ही हिन्दुओं की जनभावनाओं का विचार करे, साथ ही औरंगजेब जैसे अत्याचारी शासक के महिमामंडन के सभी पदचिन्ह मिटाने का राष्ट्रीय कार्य पूर्ण करे ।
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पर्यटक पन्हाला किले में ऐसी हरकतें कर रहे हैं ! पुरातत्व विभाग और पुलिस प्रशासन को किले की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए !
बांग्लादेशी घुसपैठियों की खोज का दायित्व तथा कर्तव्य पुलिस का है, यह बात उनके ध्यान में कब आएगी ?
चूंकि ऐसे हिन्दू-द्वेषी इतिहासकारों (?) का भारत में राष्ट्रवादी और लोकतंत्र-प्रेमी मीडिया द्वारा सम्मान नहीं किया जाता है, तो इसमें आश्चर्य की कौन सी बात है अगर बीबीसी जैसे कट्टर हिन्दू-विरोधी मीडिया उन्हें ऊपर उठाती है ?
इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं होनी चाहिए यदि कुछ शरिया प्रेमी यह मांग करें कि ऐसे लोगों को कमर तक जमीन में गहरे गड्ढे में गाड़ दिया जाए तथा शरिया कानून के अनुसार पत्थर मारकर मार डाला जाए !