Germany Grooming Gangs : जर्मनी में भी यूके जैसी ‘ग्रूमिंग गैंग’!

  • अवयस्क युवतियों को मादक पदार्थों के आमिष से लुभाकर किया यौन शोषण

  • पाकिस्तान व सीरिया के नागरिक कारावास में

( गरूमिंग गैंग का अर्थ: अल्पवयीन लड़कियों अथवा नवयुवतियों को जाल में फंसाकर उनका यौन शोषण करने वाला टोली )

बर्लिन (जर्मनी) – जर्मनी के न्यूर्नबर्ग में महिलाओं एवं युवतियों का यौन शोषण करने तथा उन्हें मादक पदार्थों के जाल में फंसाने के आरोप में जर्मन पुलिस ने २ पाकिस्तानी नागरिकों को बंदी बनाया है । इस प्रकरण में अभी तक कुल ६ लोगों को कारावास में लेकर उनसे पूछताछ की गई एवं इसके उपरांत उन्हें बंदी बनाया गया । इनमें २ पाकिस्तानी एवं सीरियाई नागरिक सम्मिलित हैं । यूनाइटेड किंगडम में ग्रूमिंग गैंग के टोली ने सहस्रों युवतियों के साथ यौन अत्याचार किए थे । इस टोली में पाकिस्तानी वंश के नागरिकों का बडा अनुपात पाया गया था ।

१. ये लोग न्यूर्नबर्ग रेलवे स्थानक के आसपास के क्षेत्र में युवतियों एवं महिलाओं का भरोसा जीतते एवं उसके उपरांत उन्हें में मादक पदार्थों के व्यवसाय में धकेलते थे । ये लोग उनका यौन शोषण भी करते एवं उन्हें मद्य के उन्माद का व्यसन लगाकर उनसे मादक पदार्थों की तस्करी कराते थे । न्यूर्नबर्ग सेंट्रल स्थानक के आस-पास की ‘ग्रूमिंग गैंग’ का रहस्योद्घाटन करने के लिए पुलिस उनके भूतकाल के कृत्यों की जांच कर रही है । इसके लिए मई में एक जांच आयोग की स्थापना की गई थी ।

२. मई २०२६ में गोस्टेनहोफ जिले के एक निवासी अपार्टमेंट से पुलिस ने इसी प्रकार की एक ग्रूमिंग गैंग के २ आरोपियों को बंदी बनाया । दोनों आरोपी सीरियाई नागरिक हैं । उनकी आयु क्रमशः २६ वर्ष एवं २४ वर्ष बताई जा रही है । २६ वर्षीय इस गुट के सदस्य का काम अवयस्क युवतियों को मादक पदार्थ उपलब्ध कराना था । सीरिया का २४ वर्षीय नागरिक नाबालिगों पर यौन शोषण के प्रकरण में दोषी पाया गया है ।

पाकिस्तान, सीरिया, गाजा, सर्बिया के नागरिकों पर तीक्ष्ण दृष्टि

गत कुछ वर्षों में सीरिया, पाकिस्तान, सर्बिया एवं गाजा पट्टी से आने वाले निर्वासितों पर जांच आयोग ने ध्यान केंद्रित किया है । संदिग्धों की आयु १८ से ३५ वर्ष के बीच बताई जा रही है । १४ वर्ष से कम आयु के बच्चों एवं किशोरों के यौन शोषण व बलात्कार के प्रकरणों में देश में तेजी से वृद्धि हुई है । ‘पीडितों की संख्या पहले के अनुमान से अधिक हो सकती है’, ऐसा जांचकर्ताओं का मानना है । वर्तमान में अधिकारियों ने इस गैंग की भक्ष्य बनी युवतियों या महिलाओं की अंतिम आधिकारिक संख्या घोषित नहीं की है ।

यूरोप के कई देशों में, विशेषकर जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस एवं बेल्जियम में गत कुछ वर्षों में संगठित ग्रूमिंग नेटवर्क उजागर हुए हैं । इन प्रकरणों में सामान्य रूप से एक ही रूपरेखा देखी गई है कि ये लोग असहाय, गरीब एवं असुरक्षित अवयस्क युवतियों का भरोसा जीतते, उन्हें प्रेम के जाल में फंसाते एवं उसके उपरांत मद्योन्माद, धमकियों या भावनात्मक दबाव के माध्यम से उनका शोषण करते हैं ।