RSS Chief Mohan Bhagwat : परिवार में नियमित संवाद, बालिकाओं में सजगता और कठोर कार्यवाही के माध्यम से लव जिहाद पर रोक लगाना संभव है ।

प. पू. सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने ‘लव जिहाद’ रोकने के लिए उपाय बताया । ‘स्त्री शक्ति संवाद’ इस कार्यक्रम में वे बोल रहे थे ।

भारत को एक बार फिर ‘विश्वगुरु’ बनाना कोई महत्वाकांक्षा नहीं, बल्कि समय की मांग है – RSS Chief Mohan Bhagwat

भारत, हिन्दू राष्ट्र, सनातन धर्म एवं हिन्दुत्व—ये सभी एक ही विचारधारा के विभिन्न रूप हैं ।

रा.स्व. संघ (RSS) का उद्देश्य किसी का विरोध करना नहीं, बल्कि हिन्दुओं को संगठित करना है – HH Mohan Bhagwat

संघ की स्थापना भारतीय समाज को सक्षम बनाने के लिए की गई थी, जिससे भारत पुनः एक बार विश्वगुरु बन सके । संघ किसी राजनीतिक उद्देश्य, क्रोध या प्रतिस्पर्धा की भावना से नहीं बना था ।

Ram Mandir Dhwajarohan : ५०० वर्ष पुराने यज्ञ की पूर्णाहुति ! – प्रधानमंत्री मोदी

अयोध्या में श्रीराम मंदिर पर ध्वजारोहण !

मंदिरों का प्रबंधन सरकार के स्थान पर भक्तों को करना चाहिए – प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत

वर्तमान में मंदिरों का प्रबंधन चलाने के लिए एक संगठित व्यवस्था की आवश्यकता है । इस समस्या का समाधान करने के लिए एक अखिल भारतीय समिति , प्रांतीय समिति , जिला समिति और स्थानीय समिति होनी चाहिए ।

बंधु–भाव ही हमारी परंपरा है तथा विवाद करना हमारे देश के स्वभाव में नहीं है ! – पूज्यनीय सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत

उन्होंने आगे कहा कि विश्व के अन्य देशों की उत्पत्ति संघर्ष से हुई है । वहां एक मत स्थिर हुआ तो अन्य किसी भी विचार को स्वीकार नहीं किया जाता । वे अन्य मतों के लिए अपने द्वार बंद कर देते हैं ।

Ram Mandir Dhwajarohan : ५०० वर्ष पुराने यज्ञ की पूर्णाहुति ! – प्रधानमंत्री मोदी

५०० वर्ष पुराने यज्ञ की आज पूर्णाहुति हो रही है । आज भगवान श्रीराम के गर्भगृह में अनंत ऊर्जा श्रोत दिव्य-भव्य मंदिर में राम दरबार प्रतिष्ठित हो गया है ।

RSS Dr. Mohanji Bhagwat : यदि हिन्दुओं का अस्तित्व समाप्त हो गया, तो विश्व समाप्त हो जाएगा !

हिन्दू समाज समय-समय पर विश्व को धर्म का योग्य अर्थ बताता है एवं उसका मार्गदर्शन करता है । यह हमारा ईश्वर प्रदत्त कर्तव्य है, ऐसा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत ने कहा ।

भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने के लिए किसी भी आधिकारिक घोषणा की आवश्यकता नहीं है ! – RSS Chief Mohan Bhagwat

‘हिन्दू’ केवल धार्मिक शब्द नहीं है, अपितु यह सहस्रों वर्षाें की संस्कृति है । भारत एवं हिन्दू समानार्थक शब्द हैं । जिसे भारत पर गर्व है, वह हिन्दू है ।

RSS Chief Mohan Bhagwat : विश्व वैश्विक समस्याओं के समाधान हेतु भारत से मदद मांग रहा है ! – परम पूज्य सरसंघचालक

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक परम पूज्य डॉ. मोहनजी भागवत ने १५ नवंबर को जयपुर के ‘सवाई मानसिंह इंडोर स्टेडियम’ में आयोजित ‘दीनदयाल स्मृति व्याख्यानमाला’ में बोल रहे थे ।