आतंकवाद विरोधी दल ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के ३ कार्यकर्ताओं की हत्या की ! – आतंकवाद विरोधी दल के पूर्व अधिकारी मेहबूब मुजावर

  • मालेगाव प्रकरण में आतंकवाद विरोधी दल के पूर्व अधिकारी का आरोप :

  • सरसंघचालक को बंदी बनाने का भी था षड्यंत्र !

मुंबई – मालेगाव बमविस्फोट प्रकरण में आतंकवाद विरोधी दल के अधिकारियों ने मुझे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत को बंदी बनाने को कहा था । दल के अधिकारियों ने संघ के प्रचारक संदीप डांगे, रामजी कलसांगरा एवं दिलीप पाटीदार की क्रूरता से हत्या कर दी, ऐसा गंभीर आरोप आतंकवाद विरोधी दल के पूर्व अधिकारी मेहबूब मुजावर ने दैनिक ‘दिव्य मराठी’ के प्रतिनिधि को दिए एक साक्षात्कार में किया ।

मुजावर ने आगे कहा कि,

१. ‘हिन्दू आतंकवाद’ प्रमाणित करने के लिए आतंकवाद विरोधी दल के अतिरिक्त आयुक्त परमवीर सिंह ने मुझे कुछ पुलिसकर्मियों का चयन करके एक टीम बनाने को कहा था । मैंने मुंबई, नांदेड, लातूर तथा सोलापुर के ८ से १० अधिकारियों की एक टीम तैयार की । परमवीर सिंह मेरे प्रमुख थे, इसलिए मैं सारी जानकारी उन्हें देता था ।

२. मोहन भागवत को फंसाने के अभियान में मैंने ८ महीने काम किया; परंतु उन्हें बंदी नहीं बनाया । इसी कारण मुझे झूठे प्रकरण में फंसाकर कारागृह में डाल दिया गया । उस समय यदि मोहन भागवत को बंदी बनाता, तो संघ समाप्त हो जाता ।

३. साध्वी प्रज्ञासिंह एवं कर्नल पुरोहित को फंसाने के लिए आतंकवाद विरोधी दल के अधिकारियों ने ६०० किलो ‘आर.डी.एक्स.’ रखने की झूठी कहानी गढी । यह सब मैं प्रमाण के साथ कह रहा हूं । वर्ष २०१५-१६ में मैंने ये सभी प्रमाण न्यायालय में प्रस्तुत किए हैं ।

४. इस प्रकरण में संदीप डांगे, रामजी कलसांगरा तथा दिलीप पाटीदार को अनावश्यक फंसाया गया । पहले संदीप डांगे एवं रामजी की हत्या कर दी गई तथा दिलीप पाटीदार इन हत्याओं का साक्षी (गवाह) बन सकता था, इसलिए पश्चात उसकी भी हत्या कर दी गई । इन तीनों को भगोड़ा घोषित कर दिया गया । यदि इसकी जांच हुई, तो सभी बातें उजागर हो जाएंगी ।