Temples In Pakistan : बंटवारे से पहले पाकिस्तान में थे ४२८ हिन्दू मंदिर, अब बचे हैं सिर्फ २२ !
बंटवारे से पहले अखंड भारत में कितनी मस्जिदें और मदरसे थे और अब कितने हैं, मुसलमानों की आबादी पहले कितनी थी और अब कितनी है, इसके आंकडे भी बताए जाने चाहिए !
बंटवारे से पहले अखंड भारत में कितनी मस्जिदें और मदरसे थे और अब कितने हैं, मुसलमानों की आबादी पहले कितनी थी और अब कितनी है, इसके आंकडे भी बताए जाने चाहिए !
देश के सभी मुस्लिम बहुल इलाकों की जांच कर यह पता लगाना चाहिए कि वहां और कितने मंदिर छिपाए गए हैं। इसे उजागर करने के लिए हिंदुओं को राज्य सरकारों पर दबाव बनाना चाहिए।
उत्तर प्रदेश की भाजप सरकार को अब मंदिर मिलने के उपरांत उस क्षेत्र में हिन्दुओं को पुनः बंसाने का तथा उन्हें संरक्षण देने का भी प्रयास करना चाहिए !
देश के हिन्दुओं एवं मुसलमानों में दूरी उत्पन्न होने के लिए कांग्रेस द्वारा मुसलमानों के तुष्टीकरण हेतु बनाया गया पूजास्थल कानून ही उत्तरदायी है !
संभल में अतिक्रमण एवं बिजली चोरी के विरुद्ध कार्यवाही के चालू रहते यहां ४६ वर्षों से बंद शिवमंदिर मिला । यह मंदिर वर्ष १९७८ के हिन्दू-मुसलमान दंगों के समय बंद किया गया था ।
देश में मुस्लिम आक्रांताओं द्वारा मंदिरों को नष्ट करने और मस्जिद बनाने की हजारों घटनाएं हैं। इन सभी स्थानों को हिन्दुओं को वापस दिलाने के लिए एक अलग टीम की स्थापना करनी होगी !
दुर्गाडी किले को अतिक्रमणमुक्त करने हेतु लडाई लडनेवाले प्रत्येक धर्मप्रेमी का अभिनंदन ! अब महाराष्ट्र सरकार राज्य के किलों पर मुसलमानों के द्वारा किए गए इस प्रकार के अतिक्रमणों को हटाने हेतु व्यापक अभियान हाथ में लेकर किलों को अतिक्रमणों से मुक्त करे, यह किलेप्रेमियों की अपेक्षा है !
तत्कालिन कांग्रेस सरकार ने संसद में पूजा स्थल कानून पारित किया है । उसे संसद के द्वारा ही रद्द किया जाना आवश्यक है ।
८५० वर्षों से अधिक प्राचीन इमारतें पुरातत्व विभाग के अधिकार क्षेत्र में होनी चाहिए और यद्यपि ऐसा करना एक आधिकारिक दायित्व है, फिर भी मुसलमानों द्वारा इस विभाग को नियंत्रण सौंपने से इंकार करना उनकी तानाशाही है।
देश के हर स्थान पर ऐसे त्वरित सर्वेक्षण करके उसकी रिपोर्ट जनता के सामने रखी जाए तो विश्व को वास्तविक स्थिति समझ में आएगी और हिंदुओं पर हुए आक्रमणों का इतिहास उजागर होगा।