Maharashtra Mandir Nyas Parishad : गढ-किलों पर किए गए अतिक्रमर बुलडोजर लगाकर ध्वस्त करेंगे ! – रोजगार आश्वस्तता एवं फलोत्पादन मंत्री भरतशेठ गोगावले

छत्रपति शिवाजी महाराज ने जिस भूमि में अफजलखान की आंतरियां बाहर निकाली, उसी पावन सातारा में आयोजित इस परिषद में १ सहस्र १०० से अधिक मंदिरों के प्रतिनिधि एकत्रित हुए हैं ।

मंदिरों से प्राप्त होनेवाला राजस्व जनकल्याण के लिए उपयोग किया जाए ! – RSS Chief Mohan Bhagwat

देश के मंदिरों का नियंत्रण सरकार के पास नहीं, अपितु भक्तों के पास होना चाहिए ! – प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत की स्पष्टोक्ती

Shanishingnapur Devasthan Scam : शनिशिंगणापूर देवस्थान ऑनलाइन पूजा एप प्रकरण में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सांठगांठ कर किया घोटाला !

७७ लाख ४६ सहस्र रुपए का है यह घोटाला ! यह है मंदिर सरकारीकरण का परिणाम !

Sabarimala Gold Theft Row : सबरीमाला मंदिर के मुख्य पुजारी को बंदी बनाया !

हिन्दू मंदिरों के सरकारीकरण के परिणाम जानें ! यदि मुख्य पुजारी को बंदी बनाया जा रहा है, तो कोई भी सोच सकता है कि मंदिर समिति के सरकार द्वारा नियुक्त लोग कितने भ्रष्ट होंगे । इसलिए, अभी से पूरी ताकत से सरकारीकरण का विरोध करें !

श्री विठ्ठल एवं रुक्मिणी की मूर्तियों पर पुनः एक बार वज्रलेप किया जाएगा !

अब तक ४ बार पुरातत्व विभाग द्वारा दोनों मूर्तियों पर विविध प्रकार के रसायनों का लेपन किया गया । – मंदिर सरकारीकरण का दुष्परिणाम !

Sabarimala Temple Theft : आपने भगवान को भी नहीं छोडी !

मंदिर सरकारीकरण के अभी और कितने दुष्परिणाम सामने आने पर हिन्दू जागनेवाले हैं ? १०० करोड हिन्दुओं के लिए अत्यंत लज्जाप्रद !

शनिशिंगणापूर में शनिपूजा की थाली के दर निश्चित !

मंदिर सरकारीकरण के दुष्परिणाम ! हिन्दुओं को धर्मशिक्षा न होने के कारण हिन्दुओं के मंदिरों में श्रद्धालुओं का शोषण किया जाता है, यह गंभीर विषय है !

Gnanasaraswati Temple Prasad : सरकारीकरण हुए ज्ञानसरस्वती मंदिर द्वारा बंद किया गया प्रसाद-वितरण पुनः आरंभ

तेलंगाना के बसर स्थित ज्ञानसरस्वती मंदिर सरकारी प्रबंधन के अंतर्गत है । इस मंदिर मे प्रसाद-वितरण बंद कर दिया गया था । इसके साथ ही यहां विक्रय किए जाने वाले लड्डू का मूल्य भी बढ़ा दिया गया था ।

मंदिरों का प्रबंधन सरकार के स्थान पर भक्तों को करना चाहिए – प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत

वर्तमान में मंदिरों का प्रबंधन चलाने के लिए एक संगठित व्यवस्था की आवश्यकता है । इस समस्या का समाधान करने के लिए एक अखिल भारतीय समिति , प्रांतीय समिति , जिला समिति और स्थानीय समिति होनी चाहिए ।

SC Banke Bihari : धनवानों के लिए देव के विश्राम में हस्तक्षेप क्यों किया जाता है ?

वृंदावन (उत्तरप्रदेश) स्थित बांके बिहारी मंदिर में देव के विश्राम के समय को लेकर सर्वोच्च न्यायालय का प्रश्न !