महाराष्ट्र मंदिर महासंघ : मंदिर-संस्कृति की रक्षा हेतु कार्यरत संगठन !

छत्रपति शिवाजी महाराज एवं राजमाता अहिल्यादेवी होळकर ने मंदिरों की रक्षा की, साथ ही विदेशी आक्रांताओं द्वारा ध्वस्त किए मंदिरों का जीर्णाेद्धार भी किया । इससे मंदिरों का महत्त्व ध्यान में आता है; परंतु भारत द्वारा ‘सेक्युलर’ तंत्र अपनाए जाने के कारण मंदिरों पर नई-नई पद्धतियों से आघात हो रहे हैं ।

देश के सभी हिन्दू मंदिर हिन्दुओं को ही सौंपे जाएं ! – विश्व हिन्दू परिषद (VHP) की सरकार से मांग

“चर्च एवं मस्जिदें सरकारी नियंत्रण में नहीं हैं, तो केवल मंदिर ही क्यों ?” – महासचिव मिलिंद परांडे का सरकार से प्रश्न

Saptashrungi Temple : सप्तशृंगी गढ स्थित मंदिर के नक्काशी की साढे बाईस किलो चांदी चोरी !

ट्रस्ट के तत्कालीन अध्यक्ष, न्यासी एवं उत्तरदायी अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण प्रविष्ट !

मंदिरों के संरक्षण एवं सुव्यवस्था के लिए ‘मंदिर महासंघ छत्तीसगढ’ की स्थापना l

महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक आदि राज्यों में मंदिरों का प्रभावी संगठन निर्माण करने के उपरांत अब छत्तीसगढ राज्य में भी मंदिर महासंघ की स्थापना की गई है । अक्षय तृतीया के पवित्र मुहूर्त पर १९ अप्रैल २०२६ को मंदिर महासंघ की औपचारिक स्थापना की जाएगी ।

मंदिरों में ‘सशुल्क दर्शन सेवा’ की सुविधा बंद करें तथा देवस्थानों में राजनीतिक नियुक्तियां न हों ! – सुनील घनवट, राष्ट्रीय संगठक, महाराष्ट्र मंदिर महासंघ

‘विश्वस्त’ (ट्रस्टी) के रूप में श्रद्धालु की नियुक्ति करने की मांग !

Trimbakeshwar Temple : शरद पवार गुट के नेता तथा मंदिर संस्थान के न्यासी सहित दो व्यक्ति बंदी बनाए गए !

जब मंदिर शासन अथवा राजनीतिक नियुक्तियों वाली समितियों के नियंत्रण में जाते हैं, तब वहां भक्ति के स्थान पर व्यवसायीकरण का प्रवेश होता है । त्र्यंबकेश्वर की यह घटना मंदिर के सरकारीकरण के दुष्परिणामों को ही दर्शाती है !

Mumbai Siddhivinayak Temple : सिद्धिविनायक मंदिर में बडे घोटाले की शिकायत, विधि एवं न्याय विभाग की ओर से नोटिस ।

सिद्धिविनायक मंदिर के २ ट्रस्टी तथा ३ शिकायतकर्ताओं ने कार्यकारी अधिकारी वीणा पाटिल एवं उपकार्यकारी अधिकारी संदीप राठौड पर भ्रष्टाचार तथा अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं ।

Maharashtra Mandir Nyas Parishad : गढ-किलों पर किए गए अतिक्रमर बुलडोजर लगाकर ध्वस्त करेंगे ! – रोजगार आश्वस्तता एवं फलोत्पादन मंत्री भरतशेठ गोगावले

छत्रपति शिवाजी महाराज ने जिस भूमि में अफजलखान की आंतरियां बाहर निकाली, उसी पावन सातारा में आयोजित इस परिषद में १ सहस्र १०० से अधिक मंदिरों के प्रतिनिधि एकत्रित हुए हैं ।

मंदिरों से प्राप्त होनेवाला राजस्व जनकल्याण के लिए उपयोग किया जाए ! – RSS Chief Mohan Bhagwat

देश के मंदिरों का नियंत्रण सरकार के पास नहीं, अपितु भक्तों के पास होना चाहिए ! – प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत की स्पष्टोक्ती

Shanishingnapur Devasthan Scam : शनिशिंगणापूर देवस्थान ऑनलाइन पूजा एप प्रकरण में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सांठगांठ कर किया घोटाला !

७७ लाख ४६ सहस्र रुपए का है यह घोटाला ! यह है मंदिर सरकारीकरण का परिणाम !