निराधार कश्मीरी हिन्दू !

ईसाई नववर्ष के दिन पाक-समर्थित जिहादी आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर में ४ कश्मीरी हिन्दुओं की हत्या कर भारत को दिखा दिया है कि ‘आप हमें मिटा नहीं सकते, हमें मिटाने की आप में शक्ति नहीं है !

अनुशासनहीनता का शतक किया पार !

कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ‘भारत जोडो’ यात्रा के माध्यम से देशभर मार्गक्रमण कर रहे हैं । अतिमहनीय व्यक्ति होने से उनके लिए उस स्तर की सुरक्षाव्यवस्था होनी ही है !

दो तपों की साधना !

‘परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी की कृपा से साप्ताहिक ‘सनातन प्रभात’ के रूप में ‘सनातन प्रभात’ नियतकालिक का आरंभ हुआ । सनातन प्रभात नियतकालिक की निर्मिति करनेवाले साधक इस भाव से सेवा कर रहे हैं कि ‘नियतकालिक चलाना समष्टि साधना है तथा इसके माध्यम से ईश्वरप्राप्ति करनी है ।’

अंतरराष्ट्रीय स्तर से जुडे हिन्दूद्वेष के तार !

हमें जिन बातों की जानकारी होती है, उसे परिपूर्ण मानकर हम उनके आधार पर कुछ निष्कर्ष निकालते रहते हैं अथवा उस विषय में स्वयं का मत बना लेते हैं, तथापि उन्हीं बातों में ऐसे अनेक पक्ष होते हैं, जिनके विषय में हमें कुछ भी ज्ञात नहीं होता । कुछ दिन पूर्व ही गोवा में आयोजित … Read more

भारत का शत्रु : भ्रष्टाचार

पानी में रहनेवाली मछली पानी कब पीती है, यह हम नहीं समझ सकते, उसी प्रकार सरकारी अधिकारी भ्रष्टाचार कब करते हैं, इसे हम नहीं पहचान सकते’, ऐसा आर्य चाणक्य ने भ्रष्टाचार के विषय में लिख रखा है ।

चर्च में चलनेवाले दुष्कृत्य  !

‘अश्लील (पॉर्न) वीडियो देखना’, यह आजकल की सामान्य बात हो गई है । उसमें कुछ भी बुराई नहीं है, ऐसा कुछ लोगों को लगता है ।

रामायण-महाभारत पर खोज करनेवाले प्रा. लाल !

ब्रज बसीलाल अर्थात पुरातत्वशास्त्रज्ञ और लेखक प्रा. बी.बी. लाल का जब निधन इसी महीने १० सितंबर २०२२ को हुआ, तब वे १०१ वर्ष के थे । उनका नाम श्रीरामजन्मभूमि अभियोग से जुडने पर अनेक लोगों को उनके विषय में जानकारी हुई ।

आतंकवादियों से लडाई !

वर्ष २०११ के ९ सितंबर ‘९/११’ को जिस ‘वर्ल्ड ट्रेड सेंटर’ के ‘ट्वीन टॉवर’ पर हुए आतंकवादी आक्रमण में ३ सहस्र से अधिक अमेरिकी नागरिक मारे गए थे, उसका प्रतिशोध अमेरिका ने अंततः १ अगस्त २०२२ को ले ही लिया ।

सावधान ! २०४७ में ‘दार-उल-इस्लाम’ !

हिन्दुत्वनिष्ठों द्वारा ‘हम संवैधानिक पद्धति से हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करेंगे’, यह घोषणा दिए जाने पर आक्रोश कर चिल्लानेवाले धर्मनिरपेक्षतावादी अब कहां हैं ? अथवा क्या उन्हें इस्लामी राष्ट्र चलेगा ? यह प्रवृत्ति तो पाखंडी धर्मनिरपेक्षता और हिन्दूविघातक दोहरी नीति का उदाहरण है !

दंगों के अपराधियों की गिरफ्तारी !

जब हिन्दुओं और हिन्दुत्व के लिए प्रतिकूल समय था, तब अनेक राष्ट्रविरोधी शक्तियों ने उसमें अपने हाथ धो लिए । अब उसका दंड भुगतने का समय आ गया है; क्योंकि आज के समय में हिन्दुओं, हिन्दुत्व और हिन्दू राष्ट्र के लिए अनुकूल समय बडी तीव्र गति से आ रहा है ।