Maulana Mahmood Madani : ‘बाबरी’ एवं ‘तलाक’ पर निर्णयों के उपरांत लगता है कि न्यायालय सरकार के दबाव में काम कर रहा है !
ऐसे बयान भारतीय लोकतंत्र की न्याय व्यवस्था के प्रति अविश्वास दिखाने के साथ ही उसका अपमान करने का प्रयास हैं । इसलिए ऐसे मौलानाओं (इस्लाम के विद्वान) के विरुद्ध राजद्रोह का अभियोग प्रविष्ट कर उन्हें जेल में डाल देना चाहिए !