धर्म के आधार पर भेद करने के प्रकरण में मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार को नोटिस दी
(‘हलाल जीवनपद्धति’ का अर्थ है – इस्लाम के अनुसार अंगीकार की गई जीवनपद्धति)

कर्जत (रायगढ) – मुंबई से ७० किलोमीटर दूरी पर स्थित कर्जत नगर में ‘सुकून एम्पायर’ नामक केवल मुसलमानों के लिए एक कॉलोनी निर्मित की जा रही है । यहां ‘हलाल’ जीवन शैली विकसित की जाएगी । (किसी हिन्दू संकुल में जब मुसलमानों को किराए पर घर नहीं मिलता, तब हंगामा खड़ा करने वाले तथाकथित सुधारवादी मुसलमान केवल मुसलमानों के लिए कॉलोनी निर्मित करते हैं, उस समय वे कहां जाते हैं ? उन्हें सर्वधर्मसमभाव का उपदेश क्यों नहीं दिया जाता ? – संपादक) विशेष यह कि इसे ‘रेरा’ (रियल एस्टेट रेग्युलेशन एंड डेव्हलपमेंट) अधिनियम के अंतर्गत प्रशासन ने अनुमोदन दिया है । इस प्रकार कॉलोनी बना कर धर्म के आधार पर भेद करने के प्रकरण में मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेकर आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने राज्य सरकार को नोटिस भेजी है । कानुनगो ने कहा, ‘‘ऐसे माध्यम से धर्मों के बीच भेद उत्पन्न किया जा रहा है । यह निर्माण कार्य एक प्रकार से विष के समान है । यह राष्ट्रविरोधी षड्यंत्र है तथा इस प्रकरण में हमने सरकार को नोटिस भेजी है ।’’
इस कॉलोनी का प्रचार एक बुर्काधारी महिला ने एक वीडियो के माध्यम से किया है । उसने कहा, ‘‘समाज में हमें अपने सिद्धांतों से समझौता करना पडता है । इससे अच्छा है कि इस हलाल प्रमाणित कॉलोनी में हमें सुरक्षित जीवन जीने को मिलेगा ।’’ (क्या इस महिला का कहना यह है कि बाहर धर्मांध गतिविधियां खुले रूप से नहीं कर सकते ? – संपादक)
यह विज्ञापन नहीं विष व्यापन है।
मुंबई के पास करजत इलाके में केवल मुसलमान मज़हब वालों के लिए हलाल लाइफ़ स्टाइल वाली टाउनशिप बनाई जा रही है।
यह Nation Within The Nation है,महाराष्ट्र सरकार को नोटिस किया जा रहा है। pic.twitter.com/zYtW4PN4Qt— प्रियंक कानूनगो Priyank Kanoongo (@KanoongoPriyank) September 1, 2025
छत्रपति शिवाजी महाराज के महाराष्ट्र में जनसंख्या का अनुपात बदलने का प्रयास ! – राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग
इस संदर्भ में ‘सनातन प्रभात’ ने प्रियांक कानूनगो से संपर्क किया । इस समय कानूनगो ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है । यहां इस प्रकार धर्म के आधार पर किए जा रहे प्रयासों का विरोध होना चाहिए । विशेषकर छत्रपति शिवाजी महाराज के महाराष्ट्र में धर्म के आधार पर कॉलोनी बसाने का प्रयास, यह ‘डेमोग्राफी’ (जनसंख्या अनुपात) बदलने का प्रयास है । यह निर्माण एक प्रकार से विष के समान है । इस लोकतंत्र विरोधी कृत्य का हम निषेध करते हैं । राष्ट्रविरोधी षड्यंत्र के इस प्रकरण में महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को नोटिस भेजी गई है तथापि हम सरकार के उत्तर की प्रतीक्षा में हैं ।
कर्जत में हलाल आधारित कॉलोनी न बने, इसकी ओर सरकार ने ध्यान देकर वहां का कार्य तत्काल बंद करना चाहिए ! – सुनील घनवट, महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ राज्य समन्वयक, हिन्दू जनजागृति समिति

इस प्रकार धर्म के आधार पर कॉलोनी बनना अत्यंत अयोग्य है । देश की अर्थव्यवस्था के समानान्तर अर्थव्यवस्था खडी करने वाली हलाल अर्थव्यवस्था का ही यह एक भाग है । पूर्व में मुंबई जैसे स्थानों पर यदि मुसलमान धर्मियों को किराए पर घर अथवा स्थान नहीं दिया जाता, तो तुरंत विरोध होता था; किंतु यहां पूर्ण कॉलोनी निर्मित होते समय अनुमति कैसे दी गई ? धर्म के आधार पर ऐसी कॉलोनी को अनुमति दी गई, तो भविष्य में अनेक संकट उत्पन्न होंगे । इसलिए सरकार को इसमें तुरंत ध्यान देकर कर्जत में ऐसी हलाल आधारित कॉलोनी न बनने दे, इसकी ओर ध्यान देना चाहिए तथा वह कार्य तत्काल बंद करना चाहिए । इससे संबंधित सभी व्यक्तियों की जांच भी होना चाहिए ।
संपादकीय भूमिकाकिसी नगर, ग्राम, क्षेत्र अथवा कॉलोनी में जब मुसलमान बहुलता होती है, तब अधिकांश समय वहां राष्ट्रविरोधी एवं हिन्दूविरोधी गतिविधियां चलती हैं, इसके अनेक उदाहरण हैं । इसलिए मुसलमानों के लिए हलाल प्रमाणित कॉलोनी स्थापित करना, छुपे रूप से पाकिस्तान बनाने के समान है, ऐसा यदि किसी को लगता है तो उसमें भूल ही क्या है ? |
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