समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जलाई श्रीरामचरितमानस की प्रतियां !
इस प्रकार प्रतियां जलाने से विचार कभी नष्ट नहीं होते । यदि विचारों का उचित प्रतिवाद किया गया, तभी उस विचार का खंडन किया जाता है । श्रीऱामचरितमानस’ ग्रंथ में बहुत चैतन्य होने के कारण ५०० वर्ष उपरांत भी श्रीरामचरितमानस पर करोडों लोगों की श्रद्धा है तथा वे भक्ति कर रहे हैं !