समाज‍वादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जलाई श्रीरामचरितमानस की प्रतियां !

इस प्रकार प्रतियां जलाने से विचार कभी नष्ट नहीं होते । यदि विचारों का उचित प्रतिवाद किया गया, तभी उस विचार का खंडन किया जाता है । श्रीऱामचरितमानस’ ग्रंथ में बहुत चैतन्य होने के कारण ५०० वर्ष उपरांत भी श्रीरामचरितमानस पर करोडों लोगों की श्रद्धा है तथा वे भक्ति कर रहे हैं !

(कहते हैं) ‘मुसलमानों का धर्मांतरण करने वाले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए !’- मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी

ध्यान दें कि मौलाना बरेलवी जिहादी धर्मांध आतंकवादियों द्वारा हिन्दुओं को लक्ष्य कर मारे जाने के संबंध  में कभी अपना मुंह नहीं खोलते !

अलीगढ के प्राथमिक पाठशाला में मुसलमान शिक्षक द्वारा भारतमाता के छायाचित्र पर पुष्प अर्पण करना अस्वीकार !

सर्वधर्मसमभाववाले इस विषय में मुंह नहीं खोलेंगे । वे केवल हिन्दुओं को ही इसकी घुटी पिलाने का प्रयास करते रहेंगे, यह समझमें लें !

इस्लाम में तिरंगा नहीं फहराने की बात कहते हुए गणतंत्र दिवस के दिन मदरसों पर इस्लामी झंडा फहराया गया !

एक ओर जो लोग भारतीय संविधान के नाम पर सारी सुविधाओं का लाभ लेते हैं, अपनी सुविधा के अनुसार संविधान का उपयोग करते हैं , वही संविधान जब उन्हें झंडा फहराने के लिए कहता है तो धर्म के नाम पर फहराने से मना करते हैं, ऐसे लोगों को अब देश से बाहर करने की आवश्यकता है ।

(कहते हैं) ‘हिन्दू राष्ट्र बनानेवाले ऐसे न जाने कितने आए और गए !’

मुसलमानों को हिन्दुओं की मानसिकता ज्ञात होने से ही वे ऐसे वक्तव्य देने का साहस दिखाते हैं । हिन्दुओं को अपनी इस मानसिकता में परिवर्तन लाने की आवश्यकता है; इसलिए हिन्दुओं को रजा के इस वक्तव्य को ध्यान में रखकर हिन्दू राष्ट्र बनाकर ही दिखाना चाहिए !

श्री रामचरितमानस पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर स्वामी प्रसाद मौर्य के विरुद्ध परिवाद प्रविष्ट (शिकायत दर्ज)

हिन्दूद्वेषी मौर्य के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए हिन्दुओं को वैध मार्ग से संघर्ष कर प्रशासन पर दबाव बनाना आवश्यक !

श्रीराममंदिर की श्रीराम की मूर्ति बनाने के लिए नेपाल की गंडकी नदी से खोजी गई शालिग्राम शिला !

श्रीरामजन्मभुमि पर बन रहे भव्य श्रीराममंदिर में श्रीराम की मूर्ति के लिए नेपाल की गंडकी नदी के परिसर से ७ फीट बाइ ५ फीट आकार की शिला खोजी गई । मूर्ति के लिए शिला खोजने के लिए मंदिर न्यास के सदस्य कामेश्वर चौपाल के नेपाल की गंडकी नदी के परिसर में भेजा गया था ।

कौशांबी (उत्तर प्रदेश) में येशू दरबार के नाम पर हिन्दुओं का धर्मपरिवर्तन

जो हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों को ध्यान में आता है, वह पुलिस तथा प्रशासन के ध्यान में क्यों नहीं आता ?

(कहते हैं) ‘रामचरितमानस’ पर प्रतिबंध लगाएं ! – स्वामी प्रसाद मौर्य

विगत ५०० वर्षाें से यह ग्रंथ संपूर्ण विश्व में पूजनीय बन गया है तथा उसके कारण कभी भी तथा कहीं भी हिंसा नहीं हुई है; परंतु तब भी ऐसे वक्तव्य देकर सस्ती लोकप्रियता प्राप्त करने का ही यह प्रयास है !

ईसाई बनने पर १५ सहस्र रुपये एवं ‘सुंदऱ लड़की’ से विवाह का लालच देकर हिन्दू का धर्मांतरण !

प्रलोभन के आगे घुटने टेकने के बाद एक हिन्दू का धर्म परिवर्तन; परंतु पश्चाताप के कारण उन्होंने पुनः हिन्दू धर्म में प्रवेश कर लिया !