हिन्दू परिवार का धर्मांतरण करने का प्रयास करनेवाले पादरी को बंदी बनाया !
उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून होते हुए भी ईसाई उसको मान्यता नहीं दे रहे हैं । ऐसे लोगों पर नियंत्रण रखने के लिए इस कानून को अधिक कठोर बनाना आवश्यक है !
उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून होते हुए भी ईसाई उसको मान्यता नहीं दे रहे हैं । ऐसे लोगों पर नियंत्रण रखने के लिए इस कानून को अधिक कठोर बनाना आवश्यक है !
वर्ष २००५ के राजू पाल हत्याकांड के मुख्य साक्षीदार उमेश पाल और उसकी सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मचारी की हत्या के प्रकरण में उत्तर प्रदेश पुलिस ने कुख्यात अपराधी अतीक अहमद, उसका भाई अश्रफ, अतीक की पत्नी शाइस्ता और उसके दो लडकों पर अपराध प्रविष्ट किया है ।
मंदिर सरकारीकरण के दुष्परिणाम ! इससे ‘सरकारी विश्वस्तों की केवल मंदिर के पैसों पर ही नहीं, अपितु श्रद्धालुओं के पैसों पर भी दृष्टि गढी होती है’, ऐसा किसी को लगे तो इसमें गलत क्या है ?
‘जो विद्यार्थी पढने के लिए आए हैं वे दाढी न साफ करें । जो विद्यार्थी दाढी साफ करेगा, उसे निकाल दिया जाएगा । जो विद्यार्थी बिना दाढी के प्रवेश लेने आएगा, उसे प्रवेश नहीं दिया जाएगा ।’ दाढी साफ किए गए ४ विद्यार्थियों को निकालने के उपरांत यह आदेश निकाला गया है ।
महमूद गजनवी के वशंज अभी भी देश में हैं इसलिए ऐसी घटनाएं घटती ही रहेंगी । उसे स्थायीरूप से रोकने के लिए हिन्दू राष्ट्र को पर्याय नहीं !
कांग्रेस सत्ताकाल में बोर्ड को अवैध मार्ग से यह संपत्ति सौंपी गई थी !
बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन ने प्रतिपादन किया है कि अभिनेत्री स्वरा भास्कर एवं समाजवादी पार्टी के नेता फहद का विवाह अवैध है । उन्होंने आगे कहा, ‘शरीयत-ए-एलामिया’ के अनुसार इस्लाम स्वीकार न करनेवाली गैर मुसलमान लडकी का मुसलमान लडके से हुआ विवाह वैध नहीं माना जाता ।
रामचतिरमानस जलाए जाने की घटना पर अभिनेता रजा मुराद का वक्तव्य !
ऐसी घटना प्रशासन के लिए लज्जास्पद ! जो काम प्रशासन को करना चाहिए, यह करने के लिए हिन्दू संगठनों को कानून हाथ में लेकर आगे क्यों आना पडता है ? उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के रहते यह अपेक्षित नहीं !
उत्तर प्रदेश के समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्या ने, ‘रामचरितमानस बकवास किताब है’ ऐसा कहकर हिन्दू धर्मियों की धार्मिक आस्था को चोट पहुंचाई है । बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव ने नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में कहा, ‘रामचरितमानस नफरत फैलानेवाली किताब है ।