भारत के बाहर जाने के लिए निकले राष्ट्रघाती पत्रकार राणा अय्यूब को मुंबई हवाईअड्डे पर रोका !
‘जांच और उसके बाद होने वाली सजा से बचने के लिए राणा अय्यूब देश के बाहर भागने वाले थे क्या ?’, इसकी भी जांच होनी चाहिए !
‘जांच और उसके बाद होने वाली सजा से बचने के लिए राणा अय्यूब देश के बाहर भागने वाले थे क्या ?’, इसकी भी जांच होनी चाहिए !
संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने केवल १० वर्षाें के लिए आरक्षण की सूचना दी थी । तब भी अब तक आरक्षण क्यों दिया जा रहा है, सर्वदलीय शासनकर्ता इसका उत्तर दें !
जयपुर एवं चित्तौडगढ पुलिस ने जयपुर में बम विस्फोट का षड्यंत्र रचनेवाले जुबेर, अल्तमस और सरफुद्दीन नामक ३ आतंकवादियों को बंदी बनाया है ।
जो कार्य अब तक के सर्वदलीय शासनकर्ताओं को करना चाहिए था, उसे एक चलचित्र ने कर दिखाया । यह परिस्थिति देश के लिए लज्जास्पद !
पेजावर मठ के विश्व प्रसन्नन तीर्थ स्वामी जी ने मुसलमान व्यापारियों के प्रतिनिधि मंडल को फटकार लगाई !
क्या अभी तक असम के किसी मुख्यमंत्री ने इतनी कठोरता से मुसलमानों को सुनाया था ? असम के हिन्दुओं की रक्षा करने के लिए सरमा कठोर कदम उठाएं, यही हिन्दुओं की भावना है !
केवल हाथ जोडकर क्षमा मांगने से कुछ नहीं होगा और कश्मीरी मुसलमान ऐसी क्षमा मांगेंगे, इसकी भी संभावना नहीं है । इसलिए अब केंद्र सरकार को ही अब प्रधानता लेकर इन अत्याचारों में संलिप्त मुसलमानों को दंड मिलने हेतु प्रयास करने चाहिए, तभी जाकर वास्तव में कश्मीरी हिन्दुओं को न्याय मिलेगा !
३२ वर्ष पूर्व भारत के एक राज्य में हिन्दुओं के साथ क्या हुआ ?, यह भारतीयों को अभी तक यह ज्ञात नहीं हैै । वास्तव में, भारत के हिन्दुओं ने कश्मीरी हिन्दुओं के लिए कुछ नहीं किया; इसलिए अब तो हिन्दुओं को जागृत होकर कश्मीरी हिन्दुओं को न्याय दिलाना चाहिए ।
सनातन संस्था प्रभावशाली पद्धति से अध्यात्मप्रसार का कार्य कर रही है, साथ ही एस.एस.आर.एफ. द्वारा किया जा रहा शोधनिबंध तैयार करने का कार्य देखकर ऐसा लगता है कि समाज निश्चित रूप से धर्माचरण करने के लिए प्रेरित होगा ।
उधम सिंहनगर के रुद्रपुर स्थित उत्तराखंड पुलिस की ४६ वीं बटालियन के अधिकारी एवं कर्मचारियों के लिए ‘सुखी जीवन हेतु तनावमुक्ति’ विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया था । इस कार्यशाला को संबोधित करते समय सद्गुरु डॉ. पिंगळेजी बोल रहे थे ।