तृतीय विश्व युद्ध के दुष्प्रभाव से बचने का एक प्रभावी माध्यम है, नियमित अग्निहोत्र करना – श्री. शंभू गवारे, पूर्व एवं पूर्वोत्तर भारत राज्य समन्वयक, हिन्दू जनजागृति समिति
‘अग्निहोत्र’ प्रदूषण नष्ट कर वातावरण को आध्यात्मिक रूप से शुद्ध करती है । जो व्यक्ति यह पवित्र अग्निहोत्र विधि करते हैं, उनका तनाव कम होता है, ऊर्जा बढती है, ऐसे कई लाभ होते हैं । अग्निहोत्र की राख पौधों में डालने से भी लाभ होता है ।