Nana Insulted Hindus: नाना पटोले का बयान हिंदुओं का अपमान है और उन्हें सजा मिलनी चाहिए ! – महंत नारायण गिरि, प्रवक्ता जूना अखाड़ा।
राष्ट्रपति द्वारा श्री रामलला की पूजा करने पर फुका पर कांग्रेस के नाना पटोले द्वारा आपत्ति जताने का मामला।
राष्ट्रपति द्वारा श्री रामलला की पूजा करने पर फुका पर कांग्रेस के नाना पटोले द्वारा आपत्ति जताने का मामला।
१० मई को न्यायालय ने डॉ. नरेंद्र दाभोलकर हत्या प्रकरण में सनातन संस्था के साधक श्री. विक्रम भावे को निर्दाेष मुक्त किया । न्यायालय के इस निर्णय का हम स्वागत करते हैं ।
आज अदालत ने मुझे बरी कर दिया हैं। मेरे दृ्ष्टी से, यही परिणाम अपेक्षित था। मुझे गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया। मेरे ख़िलाफ़ कोई सबूत नहीं था। इसलिए अदालत के सामने कोई सबूत नहीं आया ।
इस मामले में झूठे आरोप लगाकर सनातन संस्था और हिन्दू जनजागृति समिति को फंसाया गया है । दोषी ठहराए गए कळसकर और अंदुरे भी मुंबई उच्च न्यायालय में निर्दोष प्रमाणित होंगे ।
दाभोलकर की आत्मा को कुछ तो न्याय मिलना चाहिए । हत्यारों को दंड मिला होगा, तो भी मुख्य सूत्रधार छूट गया । इसके लिए राज्य सरकार को अपील करनी चाहिए ।
२०१६ से मैं दाभोलकर हत्या मामले पर ध्यान रख रहा हूं। ज इस प्रसंग का परिणाम आया । वास्तव में जिन लोगों ने मारी थी, उन्हें दंड मिला, जबकि साक्ष्य (सबूतों) के अभाव में तीन लोगों को रिहा कर दिया गया है ।
डॉ. वीरेंद्रसिंह तावडे निर्दोष मुक्त हुए हैं । उन पर सूत्रधार होने का आरोप था, वह न्यायालय ने अस्वीकार कर दिया है । सीबीआई ने उन पर आतंकवादी कार्यवाहियां करने का आरोप लगाकर उन्हें दोषी सिद्ध करने का प्रयास किया था ।
डॉ. वीरेंद्रसिंह तावडे, अधिवक्ता संजीव पुनाळेकर और विक्रम भावे को न्यायालय ने निर्दोष मुक्त किया, तो अन्य २ आरोपी सचिन अंदुरे और शरद कळसकर को न्यायालय ने दोषी ठहराया है ।
२० अगस्त २०१३ को यहां के महर्षि विठ्ठल रामजी शिंदे पुल पर ‘अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति’ के अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र दाभोलकर की हत्या हो गई ।
जिन मुगलों ने भारत पर आक्रमण कर प्रचंड नरसंहार किया, हिन्दू महिलाओं का बलात्कार किया, मंदिर नष्ट किए ऐसे इस्लामी आक्रमणकारियों के नाम हटाने के लिए न्यायालय ने निर्णय देने से मुगल प्रेमियों को तमाचा लगा है !