‘देवस्थान भूमि संरक्षण परिषद’ में मंदिर के सरकारीकरण एवं वक्फ बोर्ड के अतिक्रमण के विरोध में लडने का लिया गया संकल्प ।
प्रबंधकों से की स्वरक्षा प्रशिक्षण वर्ग एवं गोशाला चलाने की अपेक्षा ।

अमरावती – मंदिरों की भूमियों के लिए लडाई लडते समय ही मंदिरों की रक्षा करना भी उतना ही आवश्यक है । मंदिर के प्रबंधकों को इसकी ओर अत्यंत गंभीरता से ध्यान देना चाहिए । पूजा-अर्चना के साथ मंदिरों के माध्यम से युवा पीढी के लिए स्वरक्षा प्रशिक्षण वर्ग , व्यायामशाला एवं गोशाला जैसे समाजोपयोगी उपक्रम आरंभ किए जाने चाहिए । मंदिर प्रबंधकों को काल के अनुसार संगठित प्रयास करना आवश्यक है । वर्तमान समय में सरकार किसी भी दल की हो, तब भी प्रशासन के कुछ अधिकारियों की अनुचित मानसिकता के कारण इसप्रकार के कष्टकारी कानून बनाए जाते हैं । जनप्रतिनिधि के रूप में मैं इसकी ओर गंभीरता से देखता हूं तथा हिन्दुओं की मांगों को सरकार तक पहुंचाकर उन्हें न्याय दिलाने का मैं प्रयास करूंगा, ऐसा आश्वासन भाजपा सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने दिया । यहां आयोजित ‘देवस्थान भूमि संरक्षण परिषद’ को संबोधित करते हुए वे ऐसा बोल रहे थे ।
इस परिषद में हिन्दू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ संगठक, साथ ही राष्ट्रीय मंदिर महासंघ के संगठक श्री. सुनील घनवट सहित विदर्भ क्षेत्र के १५० से अधिक मंदिरों के प्रबंधक उपस्थित थे । सरकार द्वारा ‘‘देवस्थान इनाम निर्मूलन कानून’ का प्रारूप स्थगित किया जाना, हिन्दुओं की संगठन शक्ति की विजय है तथा ‘अगली लडाई मंदिरों की भूमि वक्फ बोर्ड के नियंत्रण से मुक्त करने की होगी’, यह संकल्प लिया गया ।
मंदिरों के प्रबंधक यदि संगठित होते हैं, तो देश के ४ लाख मंदिर सरकारीकरण से मुक्त होंगे । – सुनील घनवट, संगठक, राष्ट्रीय मंदिर महासंघ

मंदिर महासंघ मंदिरों के न्यासियों के साथ दृढता पूर्वक खडा रहा, उससे संगठन शक्ति उत्पन्न हुई है । इसके कारण सरकार को कुछ ही दिनों में ‘देवस्थान इनाम निर्मूलन कानून’ का प्रारूप स्थगित करना पडा । अब मंदिर संस्कृति पर आघात होने पर सभी प्रबंधक सडक पर उतर रहे हैं । किसी भी मंदिर की समस्या संपूर्ण हिन्दू समाज की समस्या है । इसी संगठन भावना से लडाई लडी जाए, तो एक दिन केंद्र सरकार को देश के ४ लाख मंदिरों को सरकारीकरण से मुक्त करने की घोषणा करनी ही पडेगी ।
मंदिरों की भूमि हडपनेवालों के विरोध में ‘एंटी-लैंड ग्रैबिंग’ कानून की आवश्यकता – अनुप जायसवाल, राज्य पदाधिकारी, महाराष्ट्र मंदिर महासंघ

मंदिर महासंघ ने पूरे राज्य में जागृति की, उसके कारण ही ‘देवस्थान इनाम निर्मूलन कानून’ रोका जा सका । मंदिरों की भूमि हडपनेवाले भूमाफियाओं के विरुद्ध तथा अतिक्रमणों के विरुद्ध सरकार को ‘एंटी-लैंड ग्रैबिंग’ कठोर कानून बनाने की आवश्यकता है ।
हिन्दू मंदिर संस्कृतिरक्षा के केंद्र बनें – श्रीकांत पिसोळकर, विदर्भ समन्वयक, हिन्दू जनजागृति समिति

सभी हिन्दू मंदिरों को संगठन, समन्वय एवं सुरक्षा इन तीन सूत्रों पर काम करना चाहिए । मंदिर हिन्दू संस्कृति की रक्षा के मुख्य केंद्र बनें, इसके लिए प्रयास होने चाहिए ।
इस अवसर पर अमवरावती के जिला हिन्दू संगठक श्री. प्रदीप गर्ग भी उपस्थित थे ।
परिषद में उपस्थित मंदिर न्यासी –श्री बंडेश्वर भद्रा हनुमान मंदिर के श्री. बंडूजी महाराज, अंबादेवी संस्थान के अधिवक्ता राजेंद्र पांडे, नेर पिंगलाई के पिंगलादेवी संस्थान के श्री. विनीत पाकोडे, सावंगा विठोबा के श्रीकृष्ण अवधूत महाराज संस्थान के श्री. पूंजाजी नेमाडे, श्री मुरलीधर महाराज देवस्थान के श्री. जयंत कद्रे, दर्यापुर के आशा मनीषा संस्थान के श्री. नीलेश जटाले एवं कुरल पूर्णा के श्री. गजानन चिठोरे |
‘Kar Seva’ Mathura : श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए ९ अगस्त को कारसेवा होगी ।
Badrinath Donation Theft : बद्रीनाथ धाम में चोरी की घटना में एक व्यक्ति बन्दी ।
Baglamukhi Mandir Online Fraud : मध्यप्रदेश के मां बगलामुखी मंदिर में हवन एवं पूजा करने के नाम पर भक्तों की ऑनलाइन ठगी
Sri Mahakaleshwar Temple : मंदिर के पास ४७२ करोड रुपये की सावधि जमा (फिक्स्ड डिपॉजिट) तथा ३०० करोड रुपये मूल्य का स्वर्ण-रजत !
Baglamukhi Temple Fund Theft : मध्यप्रदेश के माँ बगलामुखी शक्तिपीठ में दान की चोरी – ३ वर्षों से झूठी (फर्जी) समिति चढ़ावा एकत्र कर रही थी ।
सहस्रों एकड भूमि के घोटाले की जांच हेतु धाराशिव के जिलाधिकारी द्वारा ३ सदस्यीय समिति का गठन !