केरल राज्य परिवहन निगम को महिला को ३५ हजार रुपये क्षतिपूर्ति ( हानिभरपाई ) देनी होगी ! — उपभोक्ता न्यायालय का आदेश

समय से पहले बस छूट जाने के कारण महिला डॉक्टर से मिलने का समय चूक गई

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थिरुवनंतपुरम् (केरल ) – समय से पहले बस छूट जाने के कारण एक महिला की बस छूट गई, जिससे अस्पताल में डॉक्टर से मिलने का उसका निर्धारित समय भी निकल गया । इसके पश्चात महिला ने उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दर्ज कराई । उपभोक्ता न्यायालय ने महिला के पक्ष में निर्णय देते हुए ‘केरल राज्य सडक परिवहन निगम’ (के.एस.आर.टी.सी.) को संबंधित महिला यात्री को ३५ हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया । इसमें २५ हजार रुपये हानिभरपाई तथा १० हजार रुपये मुकदमा के खर्च के रूप में सम्मिलित हैं ।

क्या है प्रकरण ?

शिकायतकर्ता महिला ने २४ अगस्त २०२४ को कट्टाकडा से एर्नाकुलम स्थित एक अस्पताल जाने के लिए के.एस.आर.टी.सी. की अति-तेज बस का टिकट आरक्षित कराया था । यह बस सुबह ८ बजे थिरुवल्ला से रवाना होने वाली थी । महिला को दोपहर १२:३० बजे डॉक्टर से मिलने का समय (अपॉइंटमेंट) मिला था । महिला सुबह ७:३0 बजे ही बस स्टॉप पर पहुंच गई तथा ८:१0 बजे तक बस की प्रतीक्षा करती रही । बस न आने पर उसने बस कर्मचारियों से संपर्क किया । तब कर्मचारियों ने बताया कि बस कोट्टायम पहुंच चुकी है तथा उसे दूसरी बस से आने की सलाह दी गई ।

उपभोक्ता न्यायालय ने कहा कि “निर्धारित समय से पहले बस रवाना करना तथा इसके कारण आरक्षण कराने वाले यात्री की बस छूट जाना, सेवा में गंभीर त्रुटि का उदाहरण है ।” इसी आधार पर न्यायालय ने के.एस.आर.टी.सी. पर उपर्युक्त दंड लगाया ।