(और इनकी सुनिए…) ‘बांग्लादेश की संप्रभुता की रक्षा के लिए समझौता नहीं करेंगे !’ – Jamaat-e-Islami

घुसपैठियों को स्वदेश भेजने के भारत के अभियान का बांग्लादेश द्वारा विरोध !

‘जमात-ए-इस्लामी’ के सहायक महासचिव हामिदुर रहमान आजाद

ढाका (बांग्लादेश) – बांग्लादेश की स्वतंत्रता अथवा संप्रभुता इनकी रक्षा करने के लिए हमने कभी भी समझौता नहीं किया एवं करेंगे भी नहीं । लोगों को बलपूर्वक वापस भेजने का हम विरोध करेंगे, ऐसी चेतावनी ‘जमात-ए-इस्लामी’ इस कट्टरतावादी संस्था के सहायक महासचिव हमीदुर रहमान आजाद यांनी भारत के बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस भेजने के अभियान पर दी । ११ इस्लामी दलों को साथ लेकर जमात-ए-इस्लामी देशव्यापी प्रदर्शन करनेवाली है, ऐसा उन्होंने बताया ।

आजाद आगे बोले कि, लोगों को बलपूर्वक वापस भेजने की प्रक्रिया रोकने के लिए ‘बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश’ अधिक सुदृढ करना चाहिए । सीमावर्ती भाग के लोगों को मानवीय श्रृंखला तैयार करनी चाहिए, जिससे आतंकवादी, तस्कर अथवा अपराधी बांग्लादेश में प्रवेश नहीं कर सकेंगे ।

आजाद इन्होंने दावा किया कि, मार्च, अप्रैल एवं मई महीनों में सीमा पर के ५० से अधिक स्थानों से २ सहस्र ४७९ लोगों को बांग्लादेश में बलपूर्वक धकेलने का प्रयत्न हुआ । फरवरी से अब तक भारत के ‘सीमा सुरक्षा बल’ की गोलीबारी में १९ बांग्लादेशी नागरिक मारे गए ।

संपादकीय भूमिका

पिछले ७ दशकों से बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारत में घुसाते समय भारत की संप्रभुता को पैरों तले रौंदा गया, उसका क्या ? जमात-ए-इस्लामी जैसी संस्थाएं कुछ भी कहें भारत सभी बांग्लादेशी घुसपैठियों को बांग्लादेश में खदेडनेवाला ही है, यह वे स्मरण रखें !