#Boycott_Amazon : हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा ‘अमेजान इंडिया’ को कानूनी सूचना !

  • भारत के महान गणितज्ञ ‘आर्यभट’ के विडंबन का प्रकरण

  • ४८ घंटों में क्षमा याचना कर विवादास्पद विज्ञापन वापस लेने की मांग

  • व्यावसायिक लाभ के लिए राष्ट्रीय धरोहर का अवमान स्वीकार न करने की स्पष्टोक्ति

मुंबई/नई दिल्ली – प्राचीन भारत के महान गणितज्ञ तथा खगोलशास्त्री ‘आर्यभट’ का व्यावसायिक विज्ञापन में अत्यंत हीन स्तर पर अपमान करने के प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय में कार्यरत हिन्दू जनजागृति समिति की अधिवक्ता अमिता सचदेवा द्वारा ‘अमेजान इंडिया’ को विधिक (कानूनी) सूचना प्रेषित की गई है । इस पर ‘अमेजन ४८ घंटों में भारतीय जनता से क्षमा याचना कर यह विवादास्पद विज्ञापन तत्काल वापस ले’, ऐसी मांग उन्होंने की है । ‘यह मांग स्वीकार न होने पर अमेजन के विरुद्ध आपराधिक एवं दीवानी वाद प्रविष्ट (दर्ज) किया जाएगा’, ऐसी चेतावनी भी इस सूचना में दी गई है ।

अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने कहा है ,

१. विज्ञापन में आर्यभट की वेशभूषा में एक व्यक्ति को उपस्थित कर उन्हें ‘शून्य डिलीवरी चार्जेस खोजने वाला वैज्ञानिक’ इस प्रकार के उपरोधात्मक तथा विनोदात्मक रूप में प्रदर्शित किया गया है ।

२. जिस महान ऋषितुल्य वैज्ञानिक ने संपूर्ण विश्व को ‘शून्य’ की अमूल्य संकल्पना देकर भारत की वैज्ञानिक ध्वजा को विश्व भर में फहराया, उन्हें केवल व्यावसायिक लाभ के लिए विनोदी व्यावसायिक पात्र बनाकर उनका क्रूर उपहास करना, यह भारत की महानu ज्ञान-धरोहर तथा राष्ट्रीय अस्मिता का जानबूझकर किया गया अवमान है ।

३. व्यावसायिक लाभ के लिए भारतीय संस्कृति एवं हिन्दू प्रतीकों का अपमान करने का अमेजन का यह पहला अवसर नहीं है । इससे पूर्व भी इस प्रतिष्ठान ने श्री गणेश तथा माता लक्ष्मी के चित्रों से युक्त पावदान, शौचालय के आसनों के आवरण बेचना, तथा ‘तांडव’ नामक ‘वेब सीरीज’ के माध्यम से धार्मिक भावनाओं को आहत करना, जैसे कृत्य किए हैं । तब तीव्र विरोध के पश्चात प्रतिष्ठान को क्षमा याचना करनी पडी थी ।

४. व्यावसायिक लाभ के लिए भारतीय राष्ट्रपुरुषों का जानबूझकर अपमान करने का यह कृत्य संशोधित भारतीय न्याय संहिता की धारा २९९ (धार्मिक भावनाओं को आहत करना), धारा १९६ तथा १९७ (समाज में वैमनस्य उत्पन्न कर राष्ट्रीय एकात्मता को बाधा पहुंचाना) एवं धारा ३०२ (धार्मिक भावनाओं को आहत करने का उद्देश्य) के अंतर्गत प्रत्यक्ष आपराधिक तथा दीवानी कार्रवाई के योग्य ठहरता है ।

५. विवादास्पद विज्ञापन यू-ट्यूब, इंस्टाग्राम, एक्स आदि माध्यमों से स्थायी रूप से हटाया जाए, प्रतिष्ठान अपने आधिकारिक सामाजिक माध्यमों पर, अपने जालस्थल (वेबसाइट) के मुख्य पृष्ठ पर एवं देश के अग्रणी समाचार पत्रों में सार्वजनिक एवं बिना शर्त क्षमा याचना करे, तथा भविष्य में राष्ट्रीय प्रतीकों अथवा राष्ट्रपुरुषों का अवमान न करने का लिखित आश्वासन दे, ऐसी दृढ मांगें भी की गई हैं ।

‘अमेजान’ का बहिष्कार करने का अभियान !

संबंधित विज्ञापन के कारण देशभर के राष्ट्रप्रेमी नागरिक रुष्ट हैं तथा सामाजिक माध्यमों पर ‘अमेजान’ का बहिष्कार करने के (#Boycott_Amazon) ऑनलाइन अभियान का तीव्रता से प्रसार हो रहा है ।