रायगढ जिला परिषद के वरिष्ठ सहायक लिपिक ने किया १ करोड १९ लाख रुपये का घोटाला !
करोड़ों रुपये के क्लर्क के घोटाले से पता चलता है कि कितनी भ्रष्ट प्रवृत्ति है ! ऐसे पर सख्त कार्यवाही की जाए! धोखाधड़ी की सारी राशि आसानी से वसूल की जानी चाहिए !
करोड़ों रुपये के क्लर्क के घोटाले से पता चलता है कि कितनी भ्रष्ट प्रवृत्ति है ! ऐसे पर सख्त कार्यवाही की जाए! धोखाधड़ी की सारी राशि आसानी से वसूल की जानी चाहिए !
हिन्दूवादी कभी आतंकवादी नहीं बन सकते! – अनंत करमुसे, कार्यकर्ता, श्री शिव प्रतिष्ठान हिन्दुस्तान
नगर निगम प्रशासन मंडलों अथवा मूर्तिकारों को पीओपी के पर्याप्त विकल्प उपलब्ध कराए बिना ही ऐसे आदेश जारी कर रहा है । क्या हिन्दुत्वनिष्ठ सरकार इस ओर ध्यान देगी, जबकि पुणे स्थित सृष्टि इको-रिसर्च इंस्टीट्यूट ने रिपोर्ट दी है कि पीओपी से प्रदूषण नहीं हो रहा है ?
प्रयागराज में अभी चल रहे महाकुंभ मेला क्षेत्र में नासिक में सितंबर २०२७ में लगने वाले सिंहस्थ कुंभपर्व का निमंत्रण देने वाले फलक अनेक स्थानों पर लगाए गए हैं । ये फलक महाराष्ट्र शासन के पर्यटन विभाग की ओर से लगाए गए हैं ।
महाकुंभ में अबतक ४६ कोटि श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं । इसमें प्रतिदिन लाखों लोगों की संख्या जुडती जा रही है । फिर भी, गंगा नदी का जल अशुद्ध नहीं हुआ । इस विषय में शोध नागपुर की संस्था ‘नीरी’ (‘राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी संस्था’) के वैज्ञानिकों ने किया है ।
प्रतिवर्ष शिवसेना की ओर से श्रीक्षेत्र मलंगगढ पर आरती की जाती है । इस वर्ष भी उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हस्तों आरती की गई । इस अवसर पर शिवसैनिक तथा हिन्दुत्वनिष्ठ बडी संख्या में उपस्थित थे ।
मुंबई उच्च न्यायालय ने लगाई फटकार !
मुसलमानों ने उर्स मनाने की लिए वक्फ बोर्ड से की थी मांग
भुजबळ स्वयं को प्रगतिशील मानते हैं, उनसे साधु-संतों के योगदान और आध्यात्मिक महत्व को समझने की उम्मीद नहीं की जा सकती। इन्हीं साधु-संतों के कारण भारत विश्वगुरु बन सकता है, जो भारत की असली पहचान है। लेकिन केवल प्रगतिशीलता का दिखावा करने वाले भुजबळ इसे क्या समझेंगे ?
यह समझ से परे है कि न्यायालय ने ऐसा निर्णय दिया है और नगर निगम ने इसके विरुद्ध कार्यवाही की है, जबकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने रिपोर्ट दी है कि पीओपी से प्रदूषण नहीं होता है !