(और इनकी सुनिए…) ‘हिन्दू राष्ट्र’वालों ने जुनैद एवं नासीर को मार डाला !’ – असदुद्दीन ओवैसी का आरोप !
भारत को इस्लामी देश बनानेवालों ने कश्मीर में क्या किया ? इस विषय में ओवैसी कभी कुछ नहीं बोलते, इसकी ओर ध्यान दें !
भारत को इस्लामी देश बनानेवालों ने कश्मीर में क्या किया ? इस विषय में ओवैसी कभी कुछ नहीं बोलते, इसकी ओर ध्यान दें !
वास्तव में सरकार को हिन्दुओं की धार्मिक भावनाएं आहत करनेवाले फिल्मों पर स्वयं ही प्रतिबंध लगा देना चाहिए । उसके लिए सीधे शंकराचार्याें को प्रधानता लेने की स्थिति न आए । अब तो सरकार इस बोर्ड को आधिकारिक श्रेणी प्रदान कर धर्महानि रोकने के शंकराचार्याें के कार्य में सहायता करे, यही हिन्दुओं की भावना है !
‘भारत को अमेरिका को चेतावनी देनी चाहिए कि वह भारत के आंतरिक प्रश्नों में अपनी नाक घुसाने की अपेक्षा अपने देश की अराजकता अल्प करे !
आर्थिक रूप से दिवालिया होने की स्थिति में होते हुए भी पाक द्वारा इस प्रकार की धमकियां देना, बनावटी हंसी लाने जैसा ही है ! क्या पाक के अणुबम वास्तव में क्षमता वाले हैं ? यह प्रश्न है । पाक के एक भूतपूर्व मंत्री को ‘अणुबम कैसा होता है ?’ यह भी ज्ञात न था । ऐसे लोग भारत को धमकी देते हैं, यह हास्यास्पद ही है !
विश्व मूर्ख नहीं है । आतंकवादियों से संबंधित देश, संगठन तथा उसे रोकने का प्रयास विश्व को ज्ञात है । आज विश्व पाकिस्तान की ओर आतंकवाद के केंद्र के रूप में देख रहा है । पाकिस्तान को उचित सुझाव पसंद नहीं आता; परंतु तब भी मेरा उन्हें यह सुझाव है कि आज आतंकवाद छोडकर अच्छा पडोसी बनने का प्रयास कीजिए ।
अनादि काल से भारत एवं नेपाल हिन्दू राष्ट्र थे; परंतु धर्मनिरपेक्ष व्यवस्था के दुष्टचक्र में फंसने के कारण यहां के हिन्दुओं का दमन हो रहा है । इस स्थिति में परिवर्तन लाने हेतु पुनः संवैधानिक पद्धति से हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करना अनिवार्य बन गया है ।
यदि ऐसा है, तो केजरीवाल ने देहली में समान नागरी कानून लागू होने हेतु कोई प्रयास क्याें नहीं किए ?, सर्वप्रथम उन्हें इस विषय में बोलना चाहिए !
ऐसे चित्र नोटों पर छापें, तो वे किसी के भी, अर्थात दारु दुकानों में, बार में, उसी प्रकार नशेडी, जुवारी आदि के हाथों में जाएंगे । देवताओं का सम्मान रखा जाएगा, इसकी गारंटी नहीं दी जा सकती । इस कारण ऐसे चित्र नोटों पर छापने के लिए जनता भी उसी श्रृद्धा से देखने वाली होनी चाहिए !
उत्तर प्रदेश में चल रहे मदरसा सर्वेक्षण के संदर्भ में इस्लामिक शिक्षा के प्रमुख केंद्र दारुल उलूम देवबंद की महत्त्वपूर्ण बैठक कुछ समय पूर्व ही संपन्न हुई । इस बैठक में दारुल उलूम देवबंद ने सरकार की मदरसा सर्वेक्षण प्रक्रिया का समर्थन किया है ।
पतंजलि अब तक ५ लाख से अधिक युवाओं को व्यवसाय के अवसर प्रदान कर चुकी है । अभी भी पतंजलि के विरुद्ध षड्यंत्र रचे जा रहे हैं।